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ईरानी सेना ने पाकिस्तान में घुसकर सर्जिकल स्ट्राइक की, जैश-अल-अदल के कमांडर इस्माइल शाहबख्श ढेर

Lahore : ईरानी सेना के पाकिस्तान में घुसकर स्ट्राइक की खबर सामने आ रही है. ईरानी सेना ने जैश-अल-अदल के ठिकानों को अपना निशाना बनाया है. ईरान की सरकारी मीडिया की मानें तो सेना के इस हमले में आतंकी संगठन के कमांडर इस्माइल शाहबख्श मारा गया है. इसके अलावा इस्माइल शाहबख्श के कुछ साथियों के भी मारे जाने की खबर है. हालांकि पाकिस्तान की तरफ से इस हमले को लेकर अभी तक कोई अधिकारिक बयान सामने नहीं आया है.

एक माह पहले दोनों देशों ने आतंकी संगठन के ठिकानों पर किया था एयर स्ट्राइक

बता दें कि ईरान ने 16 जनवरी को पाकिस्तान के बलूचिस्तान प्रांत में आतंकी संगठन जैश अल अदल के ठिकानों पर हमला किया था. इस एयर स्ट्राइक में दो बच्चों की मौत हुई थी. वहीं इस एयर स्ट्राइक में कई लोग घायल भी हुए थे. इस हमले से कई घरों को नुकसान पहुंचा था. हमले के 24 घंटे के अंदर पाकिस्तान ने ईरान के बलूच आतंकवादी समूह (बलूचिस्तान लिबरेशन आर्मी (BLA) और बलूचिस्तान लिबरेशन फोर्स (BLF)) के ठिकानों पर हमला किया था. बलूच आतंकवादी समूह ईरान में रहकर पाकिस्तान के खिलाफ साजिश रचते हैं और हमले करते हैं. पाकिस्तान का दावा है कि ईरान इस तरह के संगठनों को आश्रय देकर उनकी मदद करता है. हालांकि ईरान इसका हमेशा खंडन करता है.

पाकिस्तान से आतंकी गतिविधियों को अंजाम देता जैश अल अदल

रिपोर्ट के अनुसार, जैश अल-अदल सुन्नी आतंकवादी संगठन है, जो मुख्यत: पाकिस्तान बॉर्डर पर आतंकी गतिविधियों को अंजाम देता है. यह आतंकवादी संगठन 2012 में बना है. यह संगठन ईरान के अंदर लगातार हमले करता रहा है. कई बार ईरानी बॉर्डर पुलिस की किडनैपिंग भी की है. जैश अल अदल को ईरान में जैश अल धुल्म के नाम से भी जाना जाता है. पिछले कुछ सालों में जैश अल-अदल ने ईरान की सेना के जवानों को टारगेट किया है और उन पर हमले किये हैं. पिछले साल दिसंबर में जैश अल-अदल ने सिस्तान-बलूचिस्तान में एक पुलिस स्टेशन पर हमला किया था. इस हमले में कम से कम 11 पुलिसकर्मियों की मौत हो गयी थी.

बलूच करते हैं पाकिस्तान का विरोध

दरअसल बलूचिस्तान की सीमा उत्तर में अफगानिस्तान और पश्चिम में ईरान से सटी हुई है. बलूचिस्तान हमेशा से ही खनिज संसाधानों से संपन्न प्रांत रहा है. इस इलाके से पाकिस्तान खनिज संसाधनों का दोहन करता था. जिसका बलूच नागरिक विरोध करते थे. इसके बाद पाकिस्तान ने चीन को इसकी अनुमति दे दी. जिसका विरोध और बढ़ गया है. इसी विरोध के कारण बीएलए और बीएलएफ जैसे संगठन पाकिस्तानी सैन्य बलों तथा चीनी सैनिकों को निशाना बनाता रहे हैं. [wpse_comments_template]

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