- भारतीय जनतंत्र मोर्चा के जिला अध्यक्ष ने पेयजल विभाग पर लगाया कार्य में अनियमितता बरतने का आरोप
- सही कार्य नहीं होने पर आंदोलन करने की दी चेतावनी
Hazaribagh : जिले में हो रहे नल-जल योजना का कार्य देखकर भारतीय जनतंत्र मोर्चा के जिला अध्यक्ष अभिषेक पांडे रविवार को संवेदक पर भड़क गए. उन्होंने पेयजल विभाग पर कई गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि शौचालय के जैसा नहीं, बल्कि विभाग को बेहतर काम करना होगा. उन्होंने कहा कि पिछले दो वर्षों से ग्रामीण इलाकों में पेयजल विभाग काम कर रही है, लेकिन संवेदक केवल खानापूर्ति कर रहे हैं. वहीं, विभागीय अधिकारी मौन धारण किये हुये हैं. उन्होंने यह भी कहा कि नल-जल पर होने वाला खर्च, सरकार का नहीं, बल्कि आम जनता का पैसा है. इस पैसे का सही उपयोग हो. आगे कहा कि इचाक प्रखंड के कई गांवों में नल-जल योजना की शिकायत आ रही थी. इसे लेकर काम का निरीक्षण किया, जिसमें कई गड़बड़ियां भी पाई गईं. कहीं टंकी फटा हुआ है, तो कहीं पानी टपकता हुआ मिला. उन्होंने कहा कि अगर ग्रामीण क्षेत्रों में नल-जल योजना का कार्य सही तरीके से नहीं किया गया, तो भारतीय जनतंत्र मोर्चा मजबूर होकर आंदोलन करने को बाध्य होगा. अभिषेक पांडे ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर बताया कि हजारीबाग पेयजल एवं स्वच्छता अंचल के कलस्टर में घोर अनियमितता बरती गई है. अभी तक कोई भी कलस्टर सही तरीके से काम नहीं कर रहा है. ज्यादा कलस्टर में ढांचा खड़ा कर के छोड़ दिया गया है. इस संबंध में कार्यपालक अभियंता से पूछने पर उनका जवाब मिलता है कि धीरे-धीरे कार्य को पूरा किया जा रहा है. वहीं, पूर्व के कार्यपालक अभियंता से भी पत्राचार कर पूछा गया था कि अभी तक कितने कलस्टर चालू हैं और कितने बंद हैं, लेकिन अभी तक विभाग रिपोर्ट नहीं दे पाया है.
बार-बार मांगने पर भी नहीं दे रहे जांच रिपोर्ट
इस संबंध में अधीक्षण अभियंता पेयजल एवं स्वच्छता अंचल हजारीबाग से शनिवार को कलस्टर की जांच रिपोर्ट मांगी गई, लेकिन उनके द्वारा भी कोई जवाब नहीं दिया गया. फोन करने पर अधीक्षण अभियंता फोन भी नहीं उठाते हैं. इसकी शिकायत ईमेल के माध्यम से विभाग के सचिव एवं अभियंता प्रमुख से की गई, लेकिन वहां से भी अभी तक कोई जवाब नहीं मिला. इससे पता चलता है कि कलस्टर में भारी अनियमितता बरती गई है.
संवेदक पर व्यक्तिगत लाभ पहुंचाने का आरोप
भाजमो जिलाध्यक्ष ने यह भी कहा कि ग्रामीणों की शिकायत मिली है कि संवेदक पैसे लेकर निजी घरों पर व्यक्तिगत लाभ देने की फिराक में हैं. ग्रामीणों का आरोप है कि संवेदक द्वारा काम के नाम पर केवल खानापूर्ति की जा रही है. कुछ खर्च लेकर व्यक्तिगत लाभ पहुंचाते हुए निजी जमीन पर नल-जल योजना का कार्य शुरू कर दिया जाता है. ग्रामीणों ने यह भी शिकायत की नल-जल योजना भी शौचालय योजना की तरह होती जा रही है.
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