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बिजली कट से सिंचाई की समस्या, किसान परेशान, सूखने लगी है खेतों में लगी फसल

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Basant Munda Ranchi :  कोयले की कमी के चलते झारखंड समेत पूरे देश में नियमित बिजली आपूर्ति बाधित है. राज्य में शहरी क्षेत्र के साथ ही ग्रामीण इलाकों में भी पूरी बिजली नहीं मिल पा रही है. इसका सीधा असर किसानों पर भी पड़ा है. कड़ी धूप और भीषण गर्मी के चलते खेत सूख गये हैं. पावर कट के कारण समय पर सिंचाई नहीं हो पा रही है. समय पर पानी नहीं मिलने से फसल मुरझाने लगी है. इससे किसान चिंतित हैं. जी-तोड़ मेहनत और हजारों रुपये खर्च करने के बाद भी सिंचाई के अभाव में फसलों के बर्बाद होने का डर है. बिजली आने की आस में किसानों को खेतों में घंटों इंतजार करना पड़ता है. कई किसान खेतों में पानी की जरूरत पूरा करने के लिए वैकल्पिक व्यवस्था के तहत जेनरेटर का उपयोग कर रहे हैं, जो महंगा पड़ता है. https://lagatar.in/wp-content/uploads/2022/04/fgh1.jpg"

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बिजली के चलते समय पर सिंचाई नहीं, फसल मुरझाने लगी है

रातू प्रखंड की हुरहुरी पंचायत के कैलाश मुंडा ने 25-30 हजार रुपये लगाकर एक एकड़ में टमाटर, फूलगोभी की खेती की है. लेकिन बिजली की आंखमिचौली के कारण सही समय में सिंचाई नहीं कर पाने के कारण फसल मुरझाने लगी है. ऐसे में 60-70 रुपये लीटर केरोसिन खरीदकर लाते हैं और भिलियस मशीन का उपयोग कर खेतों में पानी पहुंचा रहे हैं. इसे भी पढ़ें – झारखंड">https://lagatar.in/2-3-crore-savings-to-jharkhand-government-social-welfare-department-purchased-weighing-machine-from-jam-portal/">झारखंड

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होंडा जेनरेटर लगाकर खेतों में सिंचाई को मजबूर

पूरियो पंचायत के होचर पतराटोली के एतवा उरांव ने बताया कि 10-15 हजार रुपये की पूंजी लगाकर लगभग एक एकड़ में खीरा, नेनुवा, करैली, फूलगोभी और मिर्चा की खेती लगायी है. 15 फीट की गहराई वाली कुआं से टुलू मशीन के सहारे सिंचाई करते हैं. वैकल्पिक व्यवस्था के तहत होंडा जेनरेटर मशीन का उपयोग करते हैं, जो बिजली के मुकाबले महंगा पड़ता है.

कुआं भी सूखने लगी है, फसल खराब होने का डर

परेहपाट निवासी दीपक उरांव ने बताया कि 60-70 हजार की पूंजी लगाकर लगभग 2 एकड़ में पत्तागोभी, शिमला मिर्च, मिर्चा, गाजर, बीन, टमाटर  की खेती लगायी है. भीषण गर्मी से कुआं भी सूखने लगी है. गांव में 50-60 किसान हैं. सभी लोग बिजली पर ही आश्रित हैं. लेकिन बिजली कटौती से परेशान हैं. फसल खराब होने का डर है. इसे भी पढ़ें – बाबूलाल">https://lagatar.in/jharkhand-news-jmm-revealed-mou-with-11-companies-formed-a-few-days-ago-of-momentum-jharkhand/">बाबूलाल

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