केंद्र सरकार सरना धर्म कार्ड पर मौन क्यूं है
राकेश सिन्हा ने कहा, आज भाजपा को द्रौपदी मुर्मू के रूप में आदिवासी याद आ रहे हैं. वहीं जब द्रौपदी मुर्मू इस राज्य की राज्यपाल हुआ करती थी, तो भाजपा ने अपने शासनकाल में आदिवासियों के अस्तित्व और सम्मान पर प्रहार करते हुए सीएनटी-एसपीटी एक्ट में बदलाव की फाइल राजभवन भेजी थी. उस वक्त समीर उरांव को या भाजपा को आदिवासी और आदिवासियत की चिंता क्यों नहीं हो रही थी. आज भी सरना धर्म कोड को लेकर भाजपा आदिवासियों को छलने और ठगने का काम कर रही है, जबकि हमारी सरकार ने तो पूरी प्रतिबद्धता के साथ विधानसभा से पारित कराकर बिल को केंद्र को भेज दिया है. उन्होंने कहा कि आज लगभग एक साल होने जा रहा है. इसके बावजूद केंद्र सरकार सरना धर्म कार्ड पर मौन क्यूं है.क्या यही राष्ट्रवाद है भाजपा का
प्रदेश प्रवक्ता ने कहा कि क्या अब देश के सर्वोच्च पद पर आसीन व्यक्ति को उसकी जाति के नाम से जाना जाएगा. क्या यही राष्ट्रवाद है भाजपा का. कांग्रेस ने भी अपने शासनकाल में कई सर्वोच्च स्थान पर लोगों को बैठाने का काम किया, लेकिन कभी उसकी जाति जोड़ कर नहीं देखा और देश की जनता भी उनके क्रिया-कलापों के चलते आज भी नमन करती है. इसे भी पढ़ें – BREAKING:">https://lagatar.in/ed-raids-on-15-people-including-pankaj-mishra-rs-5-32-crore-recovered-so-far/">BREAKING:पंकज मिश्रा समेत 15 लोगों के ठिकानों पर ED रेड, अबतक 5.32 करोड़ रुपये बरामद [wpse_comments_template]

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