Tel Aviv : ईरानी कुद्स फोर्स के कर्नल की हत्या को लेकर इजरायल ने माना है कि यह उसी का कारनामा है. बता दें कि ईरान के तेहरान के आवासीय इलाके में 22 मई को शाम चार बजे एक मोटरसाइकिल पर सवार अज्ञात बंदूकधारियों ने सड़क पर मौजूद गाड़ी के शीशे पर लगातार पांच गोलियां दागी थी. कार के अन्दर बैठा शख्स ढेर हो गया. थोड़ी देर बाद सरकारी टेलीविजन पर खबरें आने लगी कि ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड के एक सीनियर सदस्य की गोली मारकर हत्या कर दी गयी है. बाद में पता चला कि मारा गया अफसर रिवोल्यूशनरी गार्ड की यूनिट कुद्स फोर्स का कर्नल हसन सैय्यद खोदैई था.
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: जमीयत उलेमा-ए-हिंद के प्रमुख महमूद असद मदनी ने कहा, हमें हमारे ही देश में अजनबी बना दिया गया है ईरान ने बदला लेने की कसम खायी
ईरान ने इस हत्या के लिए इजरायल को जिम्मेदार ठहराया था. न्यूयॉर्क टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार इजरायल ने अमेरिका को बताया है कि रविवार को ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड्स के कर्नल की हत्या उन्होंने की है. इजराइल के एक अधिकारी ने नाम न बताने की शर्त पर अमेरिका को जानकारी दी कि कुद्स फोर्स के कर्नल हसन सैय्यद खोदैई को हमने ही ठिकाने लगाया है. वहीं, ईरान ने हत्या का बदला लेने की कसम खायी है. इस हत्या के कारणों को जानने के लिए पीछे जायें तो दिल्ली में साल 2012 में इजराइल के राजनयिक पर हमला हुआ था. उस समय पता चला था कि इस हमले के पीछे ईरान की कुद्स फोर्स का हाथ है. इजराइल को अंदेशा था कि हमले की योजना ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड के अफसर हसन सैय्यद खोदैई ने बनाई थी. इसका जिक्र इजराइल के स्थानीय मीडिया रिपोर्ट्स में भी किया गया था. बता दें कि कुद्स पर इजराइल के नागरिकों और अधिकारियों की हत्या को लेकर भी कई आरोप थे.
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मोदी राजकोट में बोले, आठ सालों में कुछ ऐसा नहीं किया, जिससे जनता को सिर झुकाना पड़े मोसाद लगातार 10 सालों से हमले का बदला लेने में लगी हुई थी
सूत्रों के अनुसार इजराइल की खुफिया एजेंसी मोसाद लगातार 10 सालों से हमले का बदला लेने में लगी हुई थी. ऐसे में मोसाद के एजेंट्स ने 22 मई को रिवोल्यूशनरी गार्ड की कुद्स फोर्स के कर्नल हसन सैय्यद खोदैई को तेहरान स्थित उनके घर के बाहर हत्या कर दी. खबरों के अनुसार कर्नल हसन सईद इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (आईआरजीसी) के जरिये विदेश में ऑपरेशन चलाने वाली शाखा (कुद्स फोर्स/यूनिट 840) के कमांड थे. कुद्स फोर्स को ईरान की सबसे ताकतवर और धनी फौज माना जाता है. यह केवल देश के सुप्रीम नेता के प्रति जवाबदेह है. कुद्स फोर्स का मुख्य काम विदेशों में दुश्मनों के खिलाफ ऑपरेशन को चलाना और अपने समर्थकों को हथियार-रसद की व्यवस्था करना होता है. हालांकि, अमेरिका ने ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड्स को आतंकी संगठन घोषित कर रखा है. [wpse_comments_template]
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