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अमेरिका ने भूमध्य सागर में भेजे युद्ध पोत, तो भड़का रूस, किंजल मिसाइलों के लैस रूसी विमान काला सागर भेजे

 
Tel Aviv : इजरायल-हमास युद्ध के बीच खबर आयी है कि रूस इस संघर्ष में अमेरिका की दखलंदाजी से भड़क गया है. जान लें कि 7 अक्तूबर को हमास द्वारा इजरायल में घुस कर आतंकी हमला किया गया. उसके बाद इजरायल ने गाजापट्टी में हमास के ठिकानों पर भीषण बमबारी शुरू कर दी जो अभी भी जारी है. नेशनल">https://lagatar.in/category/desh-videsh/">नेशनल

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विमानवाहक पोत यूएसएस ड्वाइट डी. आइजनहावर पूर्वी भूमध्य सागर में भेजा

इस घटना के तुरंत बाद अमेरिका इजरायल के समर्थन में आ गया. राष्ट्रपति जो बाइडेन अपने सैन्य बेड़े इजरायल की भेज दिये. बाइडन प्रशासन ने दूसरे विमानवाहक पोत यूएसएस ड्वाइट डी आइजनहावर कैरियर स्ट्राइक ग्रुप को पूर्वी भूमध्य सागर में भेज दिया. आइजनहावर यूएसएस गेराल्ड आर फोर्ड कैरियर स्ट्राइक ग्रुप में शामिल हो जायेगा, जो पहले से ही इजरायल के पास मौजूद है. अमेरिकी रक्षा सचिव लायड आस्टिन ने कहा कि इस युद्ध को व्यापक बनाने के किसी भी प्रयास को रोकने के लिए इजरायल को सैन्य सहायता भेजा गयी है. राजनीतिक जानकारों का मानना है कि अमेरिका अब पूरी तरह से इजरायल-फिलिस्तीनी(हमास) संघर्ष में उतरता जा रहा है. यह बात रूसी राष्ट्रपति व्लादिमिर पुतिन को रास नहीं आ रही है. उसके कई कारण बताये जा रहे हैं.

पुतिन  ने चीन में राष्ट्रपति शी जिनपिंग से मुलाकात की

रूसी राष्ट्रपति व्लादिमिर पुतिन अभी चीन की यात्रा पर गये हैं. उन्होंने चीन में राष्ट्रपति शी जिनपिंग से मुलाकात के बाद एक प्रेस कांन्फ्रेंस की. कहा कि अमेरिका ने इज़राइल और फिलिस्तीनियों के बीच संघर्ष के बीच भूमध्य सागर में दो विमान वाहक पोत भेजे हैं. रूस भूमध्य सागर में अमेरिका की सीधी मौजूदगी को अपने लिए चेतावनी के तौर पर लेता है. इसके बाद पुतिन ने कहा, रूस ने किंजल हाइपरसोनिक मिसाइलों के साथ रूसी विमानों को काला सागर पर गश्त करने का आदेश दिया है.

अमेरिका इजरायल के समर्थन के बहाने रूस को सीधा निशाना बना रहा है

विशेषज्ञों का कहना है कि अमेरिका इजरायल के समर्थन के बहाने रूस को समुद्री सीमा पर सीधा निशाना बना रहा है. दोनों देश अब एक-दूसरे के आमने-सामने हैं. भूमध्य सागर से काला सागर की भूरेखीय दूरी 1700 किमी है. यानी अमेरिका ने रूस के नजदीक अपना सैन्य बेड़ा उतार दिया है. अमेरिका पहले ही रूस-यूक्रेन युद्ध में यूक्रेन का मददगार बना हुआ है. व्लादिमीर पुतिन का आरोप है कि रूस-यूक्रेन युद्ध में अमेरिका पूरी गहराई से उतर गया है.

अमेरिका यूक्रेन को  ATACMS मिसाइलें मुहैया करा कर गलती कर रहा है

कहा कि अमेरिका यूक्रेन को लंबी दूरी की ATACMS मिसाइलें मुहैया करा कर भारी गलती कर रहा है. काला सागर की समुद्री भौगोलिक स्थिति पर विचार करें तो यह बोस्पोरस जलडमरूमध्य के जरिए मरमारा सागर से तथा डारडेनेल्स जलडमरूमध्य के माध्यम से एजियन सागर से जुड़ा है. काला सागर क्षेत्र पर प्रभुत्व रूस की एक भू-रणनीतिक जरूरत है जो भूमध्य सागर में रूसी शक्ति को संरक्षित करने के लिए जरूरी है, जहां अमेरिका ने अपना सैन्य बेड़ा उतारा है. wpse_comments_template]
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