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अभियान चला कर बच्चों का 30 दिन के भीतर जाति प्रमाण पत्र जारी करें : मुख्यमंत्री

कार्मिक, प्रशासनिक सुधार तथा राजभाषा विभाग की समीक्षा Ranchi : मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने शुक्रवार को कार्मिक, प्रशासनिक सुधार तथा राजभाषा विभाग की अद्यतन कार्य प्रगति की समीक्षा की. निर्देश दिया कि विभाग जाति प्रमाण पत्र 30 दिन के भीतर जारी कराना सुनिश्चित करे. अभियान चलाकर प्राथमिकता के तौर पर वर्ग 9-12 में अध्ययनरत बच्चों का जाति प्रमाण पत्र निर्गत करें. स्कूली शिक्षा विभाग तथा प्रज्ञा केंद्र बेहतर समन्वय बनाते हुए प्रमाण पत्र निर्गत करने का कार्य करें.

झारखंड एजुकेशन रिफॉर्म की ओर आगे बढ़ रहा

मुख्यमंत्री ने स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग की अद्यतन कार्य प्रगति की भी समीक्षा की. कहा कि झारखंड एजुकेशन रिफॉर्म की ओर आगे बढ़ रहा है. पहले चरण में 80 स्कूलों को स्कूल ऑफ एक्सीलेंस के रूप में तब्दील किया गया है. सभी वर्ग-समुदाय के लोगों ने शिक्षा के क्षेत्र में की गयी इस नई पहल को सराहा है. बच्चों ने स्कूल ऑफ एक्सीलेंस में तब्दील इन विद्यालयों में नामांकन को लेकर रुचि दिखायी है. अभिभावकों में बच्चों के क्वालिटी एजुकेशन को लेकर राज्य सरकार के प्रति विश्वास जगा है. आने वाले समय में सरकार का यह नवीन पहल राज्य के लिए मील का पत्थर साबित होगा. इन स्कूलों पर सभी जिलों के उपायुक्त विशेष नजर रखें.

उपायुक्त निरंतर इन स्कूलों की मॉनिटरिंग करें

मुख्यमंत्री कहा कि  अक्सर देखा जाता है कि सरकारी व्यवस्था की शुरुआत बहुत अच्छी होती है, लेकिन अंत उतनी अच्छी तरह से नहीं होता है. स्कूल ऑफ एक्सीलेंस के मामले में ऐसा बिल्कुल नहीं हो, यह सभी की जिम्मेदारी है. किसी भी तरह स्कूल ऑफ एक्सीलेंस की व्यवस्था ध्वस्त न हो, यह सुनिश्चित करें. राज्य के प्रत्येक जिलों में अलग-अलग व्यवस्थाएं एवं क्षमताएं हैं. स्कूल ऑफ एक्सीलेंस में कई और चीजें जोड़ने की आवश्यकता है. उपायुक्त निरंतर इन स्कूलों की मॉनिटरिंग करें. कभी-कभी विभाग या कार्यपालिका के अंदर कार्यशैली में विसंगतियां पाई जाती हैं, जो उलझने पैदा करती हैं. कई बार व्यवस्थाओं में चीजें पीछे जाने लगती है, ऐसा बिल्कुल न हो, इसका ख्याल रखें.

शिक्षकों को पठन-पाठन के अलावा और कोई कार्य में न लगाएं

सरकारी स्कूलों के शिक्षकों को पठन-पाठन के अलावा और कोई कार्य में न लगाएं इस निमित्त विभाग एक नियमावली तैयार करे. विभाग यह भी सुनिश्चित करे कि जिला के उपायुक्त जिला शिक्षा पदाधिकारियों के साथ बैठक कर गुणवत्ता शिक्षा के लिए प्रतिबद्धता के साथ कार्य करें.

युवाओं को दवा दुकान खोलने के लिए प्रेरित करें

मुख्यमंत्री ने स्वास्थ्य, चिकित्सा शिक्षा एवं परिवार कल्याण विभाग की समीक्षा के क्रम में कहा कि पंचायत स्तरीय दवा दुकान योजना सरकार की एक महत्वपूर्ण योजना है. इस योजना के तहत ग्रामीण युवाओं को दवा दुकान के लिए लाइसेंस दिया जाना है. योजना को प्रभावी बनाने के लिए सभी उपायुक्त अपने-अपने जिलों में विशेष रणनीति बनाकर कार्य करें. युवाओं को इस योजना के तहत दवा दुकान खोलने के लिए प्रेरित करें. इसे भी पढ़ें – रांचीः">https://lagatar.in/ranchi-ed-summons-coal-businessman-izhar-ansari-called-on-june-22/">रांचीः

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