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विधानसभा में गूंजा अवैध खनन का मुद्दा, स्पीकर ने कमिटी गठित करने की कही बात

 
Ranchi: झारखंड विधानसभा के बजट सत्र में माले विधायक अरूप चटर्जी और चंद्रदेव महतो ने ध्यानाकर्षण प्रस्ताव के तहत कोयलांचल क्षेत्र में सरकारी और रैयती जमीन पर बिना अधिग्रहण के अवैध खनन, ओबी डंपिंग और रैयतों के साथ गुंडागर्दी का मामला उठाया. उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य सरकार केंद्र सरकार पर 136 करोड़ रुपये बकाया होने का मुद्दा उठाती रहती है, लेकिन सरकारी जमीन पर हो रहे अवैध खनन पर ध्यान नहीं दे रही है. अरूप चटर्जी ने कहा कि जब जमीन के असली मालिक रैयत इस मुद्दे पर आवाज उठाते हैं, तो उन्हें दबा दिया जाता है. यह पूरा कार्य राजनीतिक और पुलिस संरक्षण में किया जा रहा है. उन्होंने आरोप लगाया कि कोल इंडिया राज्य सरकार की जमीन पर अवैध खनन कर रहा है. इसे भी पढ़ें - मुंबई">https://lagatar.in/rahul-gandhi-reached-mumbai-will-meet-the-people-of-dharavi-will-go-to-gujarat-on-march-7/">मुंबई

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कोयलांचल में नदियों में भी डाली जा रही ओबी डंपिंग

विधायक सरयू राय ने चर्चा में भाग लेते हुए कहा कि कोल कंपनियां ओबी डंपिंग नदियों में भी कर रही हैं, जिससे पर्यावरण को भारी नुकसान हो रहा है.

देवप्रभा कंपनी के साथ "प्रशासन नहीं, प्रशासन ही उनका है"

विधायक जयराम महतो ने कहा कि यह मामला भले ही माले विधायक अरूप चटर्जी और चंद्रदेव महतो ने उठाया हो, लेकिन इस समस्या से कोयलांचल क्षेत्र के हर विधायक परिचित हैं. उन्होंने आरोप लगाया कि कंपनियों ने लठैत रखे हुए हैं, जिससे ऐसा लगता है कि यह लोकतंत्र नहीं बल्कि लठैत तंत्र बन गया है. उन्होंने कहा कि देवप्रभा कंपनी के साथ प्रशासन नहीं है, बल्कि प्रशासन ही उनका है.

मामले की गंभीर जांच आवश्यक: मंत्री दीपक बिरुआ

सवाल के जवाब में भू-राजस्व मंत्री दीपक बिरुआ ने कहा कि पूरे मामले को गंभीरता से देखे जाने की आवश्यकता है. सदन में मौजूद कई विधायकों ने इस पूरे मामले की जांच विधानसभा की कमिटी से कराने की मांग की.

स्पीकर ने कमिटी गठित करने की कही बात

विधानसभा अध्यक्ष रवींद्र नाथ महतो ने इस मामले में कमिटी गठित करने की बात स्वीकार की और कहा कि इस पर उचित निर्णय लेकर सदन को सूचित किया जाएगा. इसे भी पढ़ें -2016">https://lagatar.in/in-2016-forest-department-started-encroachment-case-yet-tetulia-land-continued-to-be-encroached-upon/">2016

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