Ranchi: पॉलीटिकल अवेयरनेस फोरम के अध्यक्ष मो. शहाबुद्दीन ने कहा कि देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह झारखंड विधानसभा चुनाव के लिए दिन-रात मेहनत कर रहे हैं, लगातार सभाएं कर रहे हैं ताकि किसी तरह झारखंड राज्य में फिर से डबल इंजन की सरकार स्थापित हो सके. जिस तरह के वादे भारतीय जनता पार्टी के द्वारा झारखंड में किए गए वह सारे वादे मणिपुर की आम जनता से भी किए होते तो आज मणिपुर की हालत ऐसी नहीं होती. मणिपुर में फिर एक बार हिंसा भड़क चुकी है और केंद्र की डबल इंजन की सरकार मणिपुर में हिंसा को रोकने में असफल रही है यह दुर्भाग्यपूर्ण है. एक वर्ष से मणिपुर में हिंसा की छोटी बड़ी घटनाएं लगातार होती ही रही है. लेकिन देश के प्रधानमंत्री राज्यों के चुनाव व उपचुनाव में अपनी उपस्थिति दर्ज कर राज्य को विकास के शिखर पर ले जाने का आश्वासन देते रहे हैं. किंतु उन्होंने एक बार भी मणिपुर जाकर वहां की आम जनता को शांति एवं सुरक्षा का आश्वासन नहीं दिया, यह चिंता का विषय है. मणिपुर की भाजपा सरकार से मणिपुर संभल नहीं पा रहा है, वहां शीघ्र राष्ट्रपति शासन लागू कर देना चाहिए ताकि हिंसा पर काबू पाया जा सके. इसे भी पढ़ें -हिमाचल">https://lagatar.in/former-himachal-cm-jairam-thakur-raised-questions-on-congress-guarantee-warned-the-public/">हिमाचल
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मणिपुर में राष्ट्रपति शासन लागू होना उचित है : शहाबुद्दीन
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