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राहुल गांधी कोर्ट आने में क्यों असमर्थ हैं यह स्पष्ट नहीं, न्याय सबके लिए समान, इसलिए सशरीर हाजिर हों, पढ़िए MP-MLA कोर्ट का आदेश

Vinit Upadhyay
Ranchi :  कांग्रेस के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष और वायनाड लोकसभा क्षेत्र के निवर्तमान सांसद राहुल गांधी को 22 मई को रांची सिविल कोर्ट में सशरीर हाजिर होने का निर्देश दिया गया है. रांची के रहने वाले प्रदीप मोदी ने राहुल गांधी के खिलाफ मोदी उपनाम पर टिप्पणी को लेकर मानहानि का केस किया है. जिस पर रांची एमपी-एमएलए कोर्ट में सुनवाई चल रही है. राहुल गांधी ने कोड ऑफ क्रिमिनल प्रोसीजर ( CRPC ) की धारा 205 के तहत सशरीर पेशी से छूट मांगी थी. राहुल गांधी की सशरीर उपस्थिति से छूट की याचिका खारिज करते हुए एमपी-एमएलए कोर्ट ने तीन पन्नो का आदेश जारी किया है. आदेश में कहा गया है कि किस विशेष परिस्थिति में सशरीर उपस्थिति से छूट क्यों दी जानी चाहिए, इसका स्पष्ट कारण नहीं दिया गया है. जबकि आवेदक (राहुल गांधी) अपनी पार्टी के कार्य और अन्य वादों में देश के सभी जगहों पर उपस्थित होते हैं. सभी के लिए समान न्याय की अवधारणा है, इसलिए आवेदक को व्यक्तिगत रूप से न्यायालय के समक्ष उपस्थित होना चाहिए.

22 मई को अगली सुनवाई

बता दें कि राहुल गांधी ने लोकसभा चुनाव 2019 के प्रचार के दौरान रांची के मोरहाबादी मैदान में कांग्रेस की सभा में नरेंद्र मोदी, नीरव मोदी, ललित मोदी का नाम लेने के साथ कहा था कि जिनके नाम के आगे मोदी है, वे सभी चोर हैं. इस कथित आपत्तिजनक टिप्पणी पर अधिवक्ता प्रदीप मोदी ने रांची सिविल कोर्ट में शिकायतवाद दर्ज कराया है. शिकायतवाद ( संख्या 1993/19) में कहा गया है कि सारे मोदी को चोर कहना निंदनीय, कष्टकारी व दिल को ठेस पहुंचाने वाला है. शिकायतकर्ता ने राहुल गांधी के खिलाफ 20 करोड़ रुपये की मानहानि का भी मामला दर्ज कराया है. अब अदालत इस मामले में 22 मई को सुनवाई करेगी.
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