Ravi Bharti Ranchi: झारखंड में मकान मालिक और किरायेदार के बीच उत्पन्न विवादों का निपटारा अब न्यायाधिकरण करेगा. इसके लिए भाड़ा नियंत्रण अधिकरण का गठन किया जाएगा. हाईकोर्ट की सलाह पर जिला न्यायाधीश को इस अधिकरण का अध्यक्ष बनाया जाएगा. इसके लिए राज्य सरकार झारखंड भवन पट्टा, किराया और बेदखली विधेयक जल्द ही ड्राफ्ट तैयार करेगी. हालांकि, इस विधेयक पर दो साल से विचार चल रहा है, जिसे अब अंतिम रूप दिया जाना है.
विधेयक का ड्राफ्ट तैयार करने के लिए उच्चस्तरीय कमेटी गठित
झारखंड भवन पट्टा, किराया और बेदखली विधेयक का ड्राफ्ट तैयार करने के लिए उच्चस्तरीय कमेटी का गठन किया गया है. समिति में सदस्य सचिव के पद पर अतुल कुमार को शामिल किया गया है. इस संबंध में नगर विकास विभाग ने आदेश जारी कर दिया है. राज्य सरकार किराया संबंधित विवादों के त्वरित निपटारे के लिए दूसरे राज्यों के प्रावधानों का भी अध्ययन कर रही है. उपायुक्तों से अधिकार लिया जाएगा वापस
झारखंड में किराये से संबंधित विवादों, शिकायतों एवं अपराधों के निपटारे और न्याय निर्णय की शक्ति उपायुक्तों से वापस लेने का प्रस्ताव भी है. जानकारी के अनुसार पंजाब, हरियाणा और छत्तीसगढ़ के प्रावधानों की तरह अपीलीय प्राधिकार के रूप में झारखंड भवन पट्टा, किराया एवं निष्कासन, नियंत्रण अधिनियम 2011 या संशोधित को लागू किया जाएगा. महाधिवक्ता ने भी इस संबंध में सलाह दी है. चुनाव आचार संहिता हटने के बाद विधेयकके प्रारूप को अंतिम रूप दिया जाएगा, जिसकी स्वीकृति कैबिनेट से लेकर विधानसभा से भी ली जाएगी. [wpse_comments_template]
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