Jack Dorsey, former Twitter CEO alleges that during the farmer protest Indian govt pressurized us(Twitter) and said we will shut down Twitter in India, raid the homes of your employees if you don’t listen to us. pic.twitter.com/tnNYta5G20
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12, 2023
सरकार ने बात नहीं मानने पर कर्मचारियों के घरों पर छापेमारी की बात कही
बता दें कि मेघ अपडेट्स ने ट्विटर के पूर्व सीईओ जैक डोर्सी का इंटरव्यू किया था. इस दौरान उनसे कई सवाल पूछे गये. जैक डोर्सी से पूछा गया कि क्या किसी सरकार ने उन पर दबाव बनाने की कोशिश की. जिसका जबाव देते हुए डोर्सी ने बताया कि ऐसा कई बार हुआ. डोर्सी ने भारत का उदाहरण देते हुए कहा कि सरकार की तरफ से उनके कर्मचारियों के घरों पर छापेमारी की बात कही गयी. साथ ही नियमों का पालन नहीं करने पर ऑफिस बंद करने की भी धमकी दी गयी. डोर्सी ने कहा कि यह सब भारत जैसे लोकतांत्रिक देश में हुआ.केंद्रीय मंत्री राजीव ने जैक डोर्सी के आरोपों को खारिज किया
जैक डोर्सी के इस आरोप को केंद्रीय मंत्री राजीव चंद्रशेखर ने झूठ करार दिया. इसको लेकर राजीव ने ट्विटर पर लिखा कि डॉर्सी और उनकी टीम द्वारा बार-बार भारत के कानून का लगातार उल्लंघन हो रहा था. वास्तव में वे 2020 से 2022 तक बार-बार कानून का पालन नहीं कर रहे थे. जिसके बाद जून 2022 में उन्होंने कंपाइल किया. केंद्रीय मंत्री राजीव ने कहा कि कोई जेल नहीं गया और न ही ट्विटर “शटडाउन” हुआ. आगे लिखा कि जब ट्विटर डोर्सी के हाथ में था तो वो भारतीय कानून की संप्रभुता को नहीं मानते थे. उसने ऐसा व्यवहार किया जैसे भारत के कानून उस पर लागू नहीं होते हैं. एक संप्रभुत्व देश के रूप में भारत को यह सुनिश्चित करने का अधिकार है कि भारत में काम करने वाली सभी कंपनियां उसके कानूनों का पालन करें. केंद्रीय मंत्री राजीव चंद्रशेखर ने आगे लिखा कि जनवरी 2021 में प्रोटेस्ट के दौरान बहुत सारी गलत इन्फॉर्मेशन और यहां तक कि नरसंहार की रिपोर्ट्स भी आयी थी जो सरासर नकली थीं. उन्होंने लिखा कि ट्विटर से गलत सूचनाओं को हटाने के लिए सरकार को बाध्य होना पड़ा. क्योंकि फर्जी खबरों के आधार पर स्थिति और बिगड़ सकती थी. उन्होंने कहा कि जैक के समय ट्विटर पर पक्षपातपूर्ण रवैये का यह स्तर था कि उन्हें भारत में इस मंच से गलत सूचनाओं को हटाने में दिक्कत थी. जबकि अमेरिका में अनेक घटनाओं में उन्होंने खुद ऐसा किया. चंद्रशेखर ने कहा कि किसी के यहां छापे नहीं मारे गये और ना ही किसी को जेल भेजा गया. सरकार का पूरा तरह ध्यान भारतीय कानूनों के अनुपालन पर था. उन्होंने कहा कि जैक के समय ट्विटर के मनमाने, खुल्लम खुल्ला पक्षपातपूर्ण और भेदभाव वाले रवैये के तथा उस अवधि में इसके मंच पर उनके अधिकारों के दुरुपयोग के अनेक प्रमाण हैं जो अब सार्वजनिक हैं.This is an outright lie by @jack">https://twitter.com/jack?ref_src=twsrc%5Etfw">@jack
Facts and truth@twitter">https://twitter.com/Twitter?ref_src=twsrc%5Etfw">@twitter
- perhaps an attempt to brush out that very dubious period of twitters history
undr Dorsey n his team were in repeated n continuous violations of India law. As a matter of fact they were in non-compliance with law… https://t.co/SlzmTcS3Fa">https://t.co/SlzmTcS3Fa">https://t.co/SlzmTcS3Fa
— Rajeev Chandrasekhar 🇮🇳 (@Rajeev_GoI) June">https://twitter.com/Rajeev_GoI/status/1668455627319033857?ref_src=twsrc%5Etfw">June
13, 2023
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