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जादूगोड़ा: टेंपो चालक की बेटी ने बनाया दिव्यांगों के लिये स्ट्रेचर

Jadugora: राखा कॉपर निवासी टेंपो चालक अशोक सिंह की बेटी श्रुति सिंह ने झारखंड के 38 हजार बच्चों में से अपने मॉडल को पास कराने में सफलता हासिल की है. पूरे झारखंड में बाल वैज्ञानिक के रूप में अपने मॉडल का लोहा मनवाने में वह कामयाब रही. जादूगोड़ा क्षेत्र के राखा कॉपर में रहकर माटीगोड़ा के सरकारी स्कूल में पढ़ने वाली इस छात्रा ने दिव्यांगों के लिये एक ऐसे स्ट्रेचर का मॉडल तैयार किया है, जो समतल रास्ते के अलावा ऊबड़- खाबड़ रास्ते में भी मरीजों को बिना झटके के ले जाएगा. साथ ही इसके माध्यम से सीढ़ियों पर भी चढ़ा जा सकेगा. जरूरत पड़ने पर इसे व्हीलचेयर के रूप में भी प्रयोग किया जा सकता है. इसे भी पढ़ें: बदल">https://lagatar.in/the-weather-of-jharkhand-is-changing-some-relief-from-the-heat-due-to-the-rolling-of-clouds/">बदल

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बीआईटी मेसरा में 22 और 23 मार्च को हुआ कार्यक्रम

श्रुति के इस मॉडल से चयनकर्ता काफी प्रभावित हुए और इसकी काफी सराहना की. उक्त कार्यक्रम झारखंड की राजधानी रांची के बीआईटी मेसरा में 22 और 23 मार्च को हुआ. उद्घाटन समारोह में नवप्रवर्तन प्रतिष्ठान भारत के चेयरमैन डॉ. पीएस गोयल ने मुख्य अतिथि के रूप में ऑनलाइन उपस्थित होकर राज्य के प्रतिभावान बाल वैज्ञानिकों का उत्साहवर्धन किया. उन्होंने सभी बाल वैज्ञानिकों के अन्वेषण और उसमें संभावनाओं पर भी अपनी राय प्रकट की. इस अवसर पर बीआईटी मेसरा के कुलपति डॉ इंद्रनील मन्ना ने संस्थान की ओर से बाल वैज्ञानिकों के अन्वेषण को उत्कृष्ट बनाने में बीआईटी मेसरा द्वारा हर संभव सहयोग करने की बात कही.

समारोह में श्रुति को पुरस्कृत भी किया गया

[caption id="attachment_274625" align="aligncenter" width="136"]https://lagatar.in/wp-content/uploads/2022/03/25mjsr7a-136x300.jpg"

alt="" width="136" height="300" /> अपने मॉडल के साथ श्रुति.[/caption] विगत मंगलवार को वहां आयोजित एक समारोह में मुख्य अतिथि एवं जजों ने इसके मॉडल के बारे में श्रुति से जाना और इसकी सराहना की. बुधवार को श्रुति को पुरस्कृत भी किया गया. उक्त जानकारी देते हुए श्रुति के पिता अशोक सिंह ने बताया कि वर्ष 2020 में झारखंड सरकार के हर सरकारी स्कूल से दो टॉपर बच्चों का इस कार्य के लिये चयन गया था. पूरे झारखंड राज्य में कुल 38 हजार बच्चों का चयन किया गया था, जिसमें से दूसरे दौर में मात्र 900 बच्चे एवं तीसरे दौर में 121 बच्चे बचे थे. उसके बाद मात्र 8 बाल वैज्ञानिकों राज्य स्तर पर चुना गया. जो राष्ट्रीय स्तर पर झारखंड का प्रतिनिधित्व करेंगे. मॉडलों पर अब एक्सपर्ट के साथ काम करके राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाई जाएगी.

दो दिवसीय ऑनलाइन मेंटरशिप वर्कशॉप में झारखंड का बेहतर प्रदर्शन

जानकारी हो कि केंद्र सरकार की महत्वकांक्षी योजना इंस्पायर अवार्ड मानक स्कीम के संपूर्ण क्रियान्वयन को लेकर दो दिवसीय ऑनलाइन मेंटरशिप वर्कशॉप का आयोजन किया गया. इस स्कीम के तहत जुड़ने वाले विद्यार्थियों को विभिन्न प्रोजेक्ट तैयार करने के लिये सरकार की ओर से राशि दी जाती है. इस बार इस योजना में झारखंड के विद्यार्थियों का बेहतर प्रदर्शन है. हालांकि, राष्ट्रीय स्तर पर अभी भी प्रदर्शन होना बाकी है और उसकी तैयारी केंद्रीय स्तर पर की जा रही है. केंद्र की ओर से दो दिवसीय एक सेमिनार का आयोजन किया गया. इस सेमिनार में झारखंड के विभिन्न जिलों के अभ्यर्थियों ने हिस्सा लिया. सेमिनार के दूसरे दिन इन अभ्यर्थियों को संबंधित अधिकारियों की ओर से कई निर्देश भी दिया गया है. कार्यक्रम के संयोजक डॉ. सतीश कुमार ने धन्यवाद ज्ञापित किया. सह संयोजक डॉ सनत मुखर्जी, डॉक्टर नरेंद्र यादव शहीत बाल वैज्ञानिक के मॉडल को प्रभावी और उत्कृष्ट बनाने के लिए मेंटर के रूप में डॉ जयजीत घोष, डॉ राजीव कुमार, डॉ विजय नाथ, डॉ विमल सिंह यादव एवं सभी संकाय के प्राध्यापक मौजूद रहे. इसे भी पढ़ें: जज">https://lagatar.in/judge-uttam-anand-death-case-hc-directs-whatsapp-india-head-to-form-a-party-know-the-reason/">जज

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