Search

Advertisement
Advertisement
Advertisement

जादूगोड़ा : मजदूरों के विरोध के बाद यूसील में यूनियन नेताओं ने की हड़ताल जारी रखने की घोषणा

Jadugora : यूसील जादूगोड़ा समेत सात यूरेनियम खदानों में बीते पांच दिनों से प्रॉफिट शेयरिंग, पेंशन, पोस्ट रिटायरमेंट मेडिकल सुविधा, प्रमोशन पॉलिसी समेत अन्य मांगों को लेकर जारी हड़ताल को यूनियन नेताओं द्वारा बिना मांगे पूरी हुए ही खत्म करने के फैसले का मजदूरों ने भारी विरोध किया. फैसले काे लेकर शनिवार देर रात 12 बजे किसी तरह मजदूरों व यूनियन नेताओं के बीच बिगड़ते मौहाल को संभाला गया. वहीं, अंत में मजदूर नेताओं ने रविवार को हड़ताल जारी रखने की घोषणा की है. इसे भी पढ़े : बहरागोड़ा">https://lagatar.in/baharagora-movement-back-in-khemashuli-after-120-hours-jam-removed-from-railway-track-and-highway/">बहरागोड़ा

: खेमाशुली में 120 घंटा बाद आंदोलन वापस, रेलवे ट्रैक व हाईवे से जाम हटा

मजदूरों से बिना विचार-विमर्श किए यूनियन ने हड़ताल समाप्त करने का किया था आह्वान

विदित हो कि शनिवार को दोपहर तीन से रात 11 बजे तक कंपनी प्रबंधन व मजदूर संगठनों के बीच चली आठ घंटे बैठक के बाद मजदूर संगठनों ने मजदूरों से बिना विचार-विमर्श किए व खास लाभ मिले ही हड़ताल को समाप्त करने का आह्वान कर दिया था. यूनियन नेताओं के इस फैसले पर मजदूरों ने देर रात 12 बजे तक जादूगोड़ा अस्पताल चौक पर जमकर बवाल किया. फैसले पर मजदूरों के भारी विरोध के बाद चंद घंटों में ही यूनियन नेताओं ने हड़ताल वापसी के फैसले पर यू-टर्न लेते हुए हड़ताल जारी रखने का एलान कर दिया. इसके बाद हड़ताली मजदूरों ने राहत की सांस ली है. इसे भी पढ़े : आदित्यपुर">https://lagatar.in/adityapur-bullet-rider-accident-on-police-station-road-condition-critical/">आदित्यपुर

: थाना रोड पर बुलेट सवार युवक दुर्घटनाग्रस्त, हालत गंभीर

यूनियन व कंपनी प्रबंधन के बीच हुआ समझौता 

मजदूर संगठन व कंपनी प्रबंधन के बीच हुए समझौते के तहत दुर्गा पूजा से पूर्व 20-25 हजार रुपए सभी मजदूरों के बीच बांटी जायेगी. जिसकी भुगतान की तिथि 28 सितंबर निर्धारित की गई है. वहीं मासिक इंसेंटिव की राशि 1500 से बढ़ाकर 2750 रुपए कर दी गई है. हालांकि मजदूर यूनियन के इस फैसले का जमकर विरोध कर रहे हैं. मजदूरों का कहना है कि उनकी लड़ाई पीआरपी के नाम से शुरू हुई है न कि इंसेंटिव को लेकर. इंसेंटिव को लेकर माइंस के मजदूरों को कोई फायदा नही होगा. कंपनी का उत्पादन टारगेट न तो पूरा होगा और न ही मजदूर इस सुविधा से लाभान्वित होगे. कंपनी अधिकारी पीआरपी के नाम पर 3-4 लाख राशि उठाते हैं तो उसी आधार पर उन्हें भी उचित पीआरपी का लाभ मुहैया कराया जाए. पीआरपी पर कोई फैसला नहीं आने से मजदूर भड़क गए व यूनियन नेताओं के फैसले का विरोध जता रहे हैं. इसे भी पढ़े : किरीबुरू">https://lagatar.in/kiriburu-dandiya-night-organized-in-community-hall-meghahatuburu/">किरीबुरू

: सामुदायिक भवन मेघाहातुबुरु में डांडिया नाइट आयोजित
[wpse_comments_template]

Comments

Leave a Comment

Follow us on WhatsApp

Lagatar Media

Lagatar Media App
बेहतर न्यूज़ अनुभव
Lagatar Media App
ब्राउज़र में ही