झारखंड सरकार सबर जनजाति के उत्थान में आगे आए : पप्पू सरदार
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alt="" width="600" height="300" /> पोटका प्रखंड अंतर्गत भाटीन पंचायत अंतर्गत झरिया गांव के खड़ियाकोचा में रह रहे 26 सबर परिवार के लिए आज बृहस्पतिवार का दिन खुशियां लेकर आया. पप्पू सरदार जादूगोड़ा-नरवा पहाड़ मुख्य सड़क स्थित झरिया गांव से दो किलोमीटर अंदर पहाड़ी की तलहटी पर बसे खड़ियाकोचा पैदल पहुंचे व सबर जनजाति के लोगों के बीच सांता क्लॉज का टोपी भेंट की व बच्चों ने भी सांता क्लॉज को करीब से जाना. सांता क्लॉज का टोपी पहन बच्चों ने ठंडी हवाओं से राहत पाई. उन्होंने कहा कि सरकार की ओर से इस सबर बस्ती को गोद लेकर उसके उत्थान में काम करने की जरूरत है ताकि गरीबी से सबर जनजाति आगे निकल सके.
महिला व किसानों के बीच पहुंचे पप्पू सरदार, सांता क्लॉज की बांटी टोपी
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alt="" width="600" height="300" /> पप्पू सरदार सांता क्लॉज बनकर खेतों में धान कटाई कर रही आदिवासी महिलाओं के बीच भी पहुंचे व उन्हें सांता क्लॉज का टोपी व टॉफी भेट कर सांता क्लॉज का संदेश पहुंचाया. महिलाओं ने भी सांता क्लॉज की टोपी पहन खुशी का इजहार किया.जादूगोड़ा के खड़ियाकोचा के सबर परिवार की बदहाली देखकर पप्पू सरदार मर्माहत हुए. इस कंपकंपाती ठंड में बच्चों के पैरों में चप्पल नहीं थे. गर्म कपड़े के अभाव से बच्चे ठिठुर रहे थे. इस बाबत पप्पू सरदार ने कहा कि कि वह 1993 से ही सेवा करते आ रहे हैं. यह लगातार आगे भी जारी रहेगा. सबर जनजाति के बीच सेवा करने के इस मौके ने सुखद अनुभव दिया. गांव तक पहुंचने के लिए आवागमन का घोर अभाव देख चिंता जताई. इसे भी पढ़ें : झारखंड">https://lagatar.in/mou-signed-with-10-villages-for-seed-production-in-jharkhand/">झारखंड
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