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जगन्नाथपुर : एस्पायर का 4 दिवसीय वोलेंटियर्स प्रशिक्षण शिविर सम्पन्न

Jagannathpur ( chandan kumar ) : नई शिक्षा नीति के निपूर्ण भारत के तहत संचालित फाउंडेशन लिट्रेसी एंड नुमेरेसी आर्थात मुलभूत साक्षरता एवं संख्यात्मक कार्यक्रम को सरकारी विधालय एवं आंगनवाड़ी केंद्रों में सहयोग करने को लेकर गैर सरकारी संस्था एस्पायर द्वारा चिन्हित वोलेंटियर्स का चार दिवसीय गैर आवासीय प्रशिक्षण का समापन शुक्रवार को हो गया. प्रशिक्षण जगन्नाथपुर भारत माता विवाह मंडप में प्रशिक्षक मधुसूदन सिंकु एवं रतना सिंकु द्वारा दिया गया. प्रशिक्षण समापन के अवसर पर बीईओ इंद्रदेव कुमार व सीआरसी सुशील कुमार प्रधान, शिक्षक मारतम सिंकु व मेघनाथ गोप शामिल हुए. इसे भी पढ़ें : आनंदपुर">https://lagatar.in/anandpur-eighth-student-commits-suicide-by-hanging-himself-at-home-in-doomirta-village/">आनंदपुर

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शिक्षक के साथ समन्वय बना कर एफएलएन कार्यक्रम का करें संचालन

बीईओ इंद्रदेव कुमार ने सभी वोलेंटियर्स को शुभकामनाएं देते हुए कहा शिक्षक के साथ समन्वय बना कर एफएलएन कार्यक्रम का बेहतर संचालन करें. बच्चों को टीएलएम व डिसप्ले तथा गतिविधि के माध्यम से खरीद बिक्री में भी वोलेंटियर्स समझ बनाएं. किसी तरह की कोई समस्या हो तो बताएं. प्रशिक्षण में वोलेंटियर्स को कक्षा 1 से 3 एवं 3 से 5 वर्ष स्कूल पूर्व शिक्षा पाने वाले बच्चों को किस तरह एफएलएन के कंसेप्ट के आधार पर शिक्षण गतिविधि कर उनके अंदर उम्र और कक्षा के अनुसार भाषा और गणित का विकास करना है इसके बारे में प्रशिक्षक द्वारा जानकारी दी गई. वोलेंटियर्स को प्रशिक्षक मधुसूदन सिंकु ने एफएलएन का परिचय देते हुए बताया कि एफएलएन भारत सरकार के नई शिक्षा नीति के निपूण भारत के अंतर्गत विद्यालय और बालवाड़ी में लागु किया गया है. इसे भी पढ़ें : जमशेदपुर">https://lagatar.in/jamshedpur-ad-hoc-committee-of-jharkhand-home-guard-welfare-association-constituted/">जमशेदपुर

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एफएलएन कार्यक्रम एक राष्ट्रीय मिशन है

एफएलएन कार्यक्रम को सहयोग करने के लिए गैर सरकारी संस्थाओं की भागीदारी व जिम्मेदारी भी सुनिश्चित की गई है. यह एक राष्ट्रीय मिशन है. प्रशिक्षण में बालवाड़ी व कक्षा 1 से 3 के बच्चों के मन मष्तिक में शारीरिक, सामाजिक, भावनात्मक व भाषा का विकास को नेम गेम, पोनिक ड्रील, नामावाली गतिविधि, रस्सी पार, स्टोरी टेलिंग, कलर एंड सिम्पल आकृति, फाइन मोटर, ग्रॉस मोटर, आउट डोर व इन डोर पैटर्न, ट्रेन गेम, थ्रोइंग द बाल गतिविधि, चेन टाकिंग, पिक्चर एंड वर्ड मेकिंग (हिन्दी और हो) में समझाया गया. इसके अवाले प्रशिक्षण में अक्षर व मात्रा की पहचान करना, मात्रा खड़ी, ध्वनि व मात्रा की पहचान करना. अक्षर से शब्द बनाने की गतिविधि बतायी गई. इसे भी पढ़ें : सरायकेला">https://lagatar.in/seraikela-delegation-of-soul-workers-submitted-demand-letter-to-ichagarh-and-kharsawan-mla/">सरायकेला

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विभिन्न तरह के पैटर्न बनाने की विधि सिखाई गई

साथ ही ओ माई चेचेंग, चांग चांग डुपुल, चना कैसे बोया, ताली बजाओ, मेरी छोटी सी गुड़िया, गेम में चोर पुलिस, मामा गये बाजार, रस्सी पार गेम भी कराये गये और प्रकृति से जुड़े वस्तुओं से पैटर्न बनाने की विधि भी सिखाई गई. बड़ानन्दा, मालुका, जगन्नाथपुर तथा मोंगरा पंचायत के चयनित 20 वोलेंटियर्स के अलावे एस्पायर ब्लाक कॉर्डिनेटर मानस रंजन चक्र, लर्निंग कॉर्डिनेटर हरेराम तिर्की, एमआई सह अकाउंटेंट परमेश्वर गोप, आंगनवाड़ी केंद्र कॉर्डिनेटर निकहत परवीन, राजश्री सिंकु, सत्यवती गोप, रमेश सिंकु, जानकी सिंकु, लक्ष्मी कुमारी, विशाल गोप सहित अन्य उपस्थित थे. [wpse_comments_template]

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