alt="" width="242" height="188" /> उल्लेखनीय है कि साल 2019 के चुनाव में गीता कोड़ा समर्थित कांग्रेस प्रत्याशी सोनाराम सिंकु ने 32,499 वोट पाकर पहले स्थान पर आए थे. मंगल सिंह बोबोंगा, जो झाविमो की टिकट पर चुनाव लड़े थे, ने 20,893 वोट प्राप्त करके दूसरे स्थान पर रहे थे. भाजपा प्रत्याशी सुधीर सुंडी ने 16,450 वोट प्राप्त कर तीसरा स्थान पाया, जबकि आजसू प्रत्याशी मंगल सिंह सोरेन ने 14,222 वोट के साथ चौथे स्थान पर रहे. अन्य प्रत्याशियों को जो वोट मिलें, उनमें लक्ष्मी सोरेन (6,617), सन्नी सिंकु (5,062), मानसिंह तिरिया (4,415), नोटा (4,092), जयारानी पाडे़या (2,489), जगजीवन केराई (1,709), जयसिंह सिंकु (1,539), राजेश सिंकु (1,396), सोनु कुंकल (1,155), और अमित कुमार लागुरी (1,020). इस बार मंगल सिंह बोबोंगा को पिछले चुनाव के प्रत्याशी मंगल सोरेन और अन्य प्रत्याशियों का समर्थन प्राप्त हो रहा है. अन्य दलों के नाराज नेताओं का भी सहयोग उन्हें मिल रहा है. हालांकि, भाजपा और कांग्रेस प्रत्याशियों का अपना वोट बैंक और गठबंधन से जुड़े पार्टियों का समर्थन है.
alt="" width="283" height="369" /> प्रतिदिन अलग-अलग क्षेत्रों में नए राजनीतिक समीकरण बन और बिगड़ रहे हैं. कुछ समर्थक घट रहे हैं, तो कुछ जुड़ रहे हैं. क्षेत्र के मुस्लिम और ईसाई मतदाता अभी चुप्पी साधे हुए हैं और सोनाराम सिंकु तथा मंगल सिंह बोबोंगा की स्थिति का आंकलन कर रहे हैं. जो भी प्रत्याशी भाजपा प्रत्याशी गीता कोडा़ को हराने में सक्षम होगा, वे अंतिम समय में अपने वोट का ध्रुवीकरण कर सकते हैं. हालांकि, दोनों प्रत्याशी मुस्लिम और ईसाई वोटरों पर अपना-अपना दावा कर रहे हैं. लोग इस सीट पर पहले से ही तीनों प्रत्याशियों की जीत पर अपनी राय व्यक्त करते हुए बाजी भी लगा रहे हैं. ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों के अधिकांश वोटरों की चुप्पी सभी प्रत्याशियों की परेशानी बढ़ा रही है.
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