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जगन्नाथपुर : नव वर्ष के मौके पर आदिवासी संगठनों ने मनाया काला दिवस

Jagnnathpur (Rohit Mishra) : जगन्नाथपुर में आदिवासी समुदाय से जुड़े विभिन्न समाजिक व मजदूर संगठनों ने नववर्ष को काला दिवस सह शहीद दिवस के रूप में मनाया. इसी क्रम में शिव मंदिर पीछे स्थित रुतुई-गुंडूई शहीद स्मारक स्थल पर आदिवासी समाजिक संगठनों ने रुतूई-गुंडूई के साथ-साथ नारा हो, पोटो हो, पुंडूवा हो व बड़ई हो को श्रद्धांजलि दी. इस दौरान दिऊरी राम पूर्ति सहित अन्य दिऊरियों ने शहीद स्मारक स्थल पर विधिवत पूजा-अर्चना की. इसमें धुणा, तेल, हड़िया व रासी प्रसाद स्वरुप चढ़ाई गई. मौके पर आदिवासी हो समाज महासभा सहित अन्य संगठनों के पदाधिकारियों ने एक जनवरी के काला दिवस मनाने के इतिहास व आदिवासी समाज के उत्थान पर चिंतन-मंथन किया. इसे भी पढ़ें : जमशेदपुर">https://lagatar.in/jamshedpur-police-can-reveal-the-theft-of-2-10-crores-from-modis-house/">जमशेदपुर

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सेरेगसिया घाटी से शहीद स्थल तक निकाली गई रैली

आदिवासी हो समाज युवा महासभा व अखिल भारतीय आदिवासी क्रांतिकारी महासभा की टीम ने भी रुतूई-गुंडुई शहीद स्मारक स्थल पहुंची और शहीदों को श्रद्धांजली दी. शहीद ग्राम राजाबासा के ग्रामीण भी श्रद्धांजली कार्यक्रम में शामिल हुए. काला दिवस के अवसर पर मजदूर नेता सह जगन्नाथपुर जिला परिषद सदस्य मानसिंह तिरिया की अगुवाई में सेरेगसिया घाटी से लेकर रुतूई-गुंडुई शहीद स्मारक स्थल तक (बाइक व कार) रैली निकाली गई. इसमें जगन्नाथपुर विधानसभा के विधायक सोनाराम सिंकु, आदिवासी हो समाज महासभा के धर्म सचिव दासराम बारदा, नरेश देवगम, तिरिल तिरिया, राऊतू पूर्ति, सुदर्शन लागुरी, शंकर चातोम्बा, अर्जुन सिंकु तथा हो समाज युवा महासभा के केंद्रीय महासचिव सोमा कोड़ा, जिलाध्यक्ष गब्बर हेंब्रम, मंजित कोड़ा, मुंडा सोमनाथ सिंकु, गलाय चातोंबा, शंकर सिद्धु, वुकूल सिंकु समेत काफी संख्या में लोग उपस्थित थे. [wpse_comments_template]

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