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राउरकेला के जय प्रकाश अस्पताल ने 85 हजार के लिये किरीबुरु के युवक के शव को बंधक बनाया

Kiriburu (Shailesh Singh): किरीबुरु के होनहार युवक जेना सोय (17 वर्ष) की मौत 24 जुलाई की सुबह लगभग 4 बजे राउरकेला स्थित जय प्रकाश अस्पताल एंव रिसर्च सेंटर में इलाज के दौरान हो गई. लेकिन अस्पताल प्रबंधन द्वारा बकाया पैसा लगभग 85 हजार रुपये जमा करने के बाद ही युवक का शव परिजनों को देने की बात कही जा रही है. मृतक के परिवार अत्यंत गरीब हैं तथा उनके पास पैसा नहीं है कि वह बाकी के पैसा अस्पताल प्रबंधन को जमाकर शव प्राप्त कर सकें. शव के इंतजार में मृतक की मां अश्रिता सोय   अस्पताल के बाहर बैठ लगातार न्यूज को फोन कर न्याय की गुहार लगाई है. इसे भी पढ़ें: खूंटी">https://lagatar.in/khuti-ne-person-died-due-to-lightning-accident-happened-while-working-on-the-farm/">खूंटी

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15 जुलाई को सड़क हादसे में घायल हो गया था जेना सोय

घटना के बाबत मृतक जेना सोय की मां अश्रिता सोय, जो किरीबुरु की पूर्व वार्ड सदस्य थीं, ने लगातार न्यूज से बातचीत में कहा कि बीते 15 जुलाई को उनका बेटा जेना सोय मोटरसाइकल से ओडिशा के बमबारी से किरीबुरु लौट रहा था. किरीबुरु से लगभग 4 किलोमीटर दूर ॐ शांति स्थल मंदिर के समीप रात्रि लगभग 8 बजे तेज वर्षा व घने कोहरा होने के कारण दुर्घटनाग्रस्त होकर गंभीर रूप से घायल हो गया. घायल बेटा को तत्काल सेल के किरीबुरु अस्पताल लाया गया. यहां के चिकित्सकों ने उसकी खराब स्थिति को देख बेहतर इलाज हेतु तत्काल अच्छे अस्पताल ले जाने की बात कही.

16 जुलाई को जय प्रकाश अस्पताल में किया गया भर्ती

उसके बाद वे जेना सोय को लेकर राउरकेला स्थित सेल की आईजीएच अस्पताल 16 जुलाई की अहले सुबह पहुंचे. आईजीएच अस्पताल प्रबंधन ने जगह नहीं होने की बात कह जेना सोय को राउरकेला का ही जय प्रकाश अस्पताल ले जाने की बात कही. इसके बाद 16 जुलाई की सुबह 4 बजे जय प्रकाश अस्पताल में जेना सोय को भर्ती कराया गया. अस्पताल प्रबंधन ने 24 जुलाई की सुबह बताया कि जेना की मौत सुबह 4 बजे हो गई है. जेना की इलाज पर खर्च हुए लगभग 85 हजार रुपये जमा कराएं तभी शव दिया जाएगा. अश्रिता सोय ने कहा कि वे अत्यन्त गरीब हैं. लोगों से कर्ज लेकर बेटा को बचाने के लिये इस अस्पताल प्रबंधन को अब तक 2 लाख 40 हजार रुपये दे चुकी हूं. अब हमारे पास और पैसा नहीं है, तथा हमें बेटे का अंतिम संस्कार करना है. मेरे बेटा का शव दिलाने में सहयोग करें. इसे भी पढ़ें: किरीबुरू">https://lagatar.in/kiriburu-elder-line-response-team-sensitizes-people-to-help-senior-citizens/">किरीबुरू

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