Search

Breaking : सम्मेद शिखर बचाने के लिए 9 दिन से अनशन पर बैठे जैन मुनि सुज्ञयसागर ने त्यागा देह

Jaipur : गिरिडीह के पारसनाथ स्थित सम्मेद शिखर को बचाने के लिए अनशन पर बैठे जैन मुनि सज्ञयसागर ने मंगलवार को देह त्याग दिया. पारसनाथ पहाड़ी को पर्यटन स्थल घोषित किये जाने के विरोध में वे 9 दिन से जयपुर के सांगनेर स्थित जैन मंदिर में आमरण-अनशन पर बैठे थे. मुनि सुज्ञयसागर को सांगानेर में श्रमण संस्कृति संस्थान में समाधि दी गई. 72 वर्ष के मुनीश्री सम्मेद शिखर से भी जुड़े हुए थे.

अब मुनि समर्थ सागर ने भी त्यागा अन्न 

मुनि सुज्ञेयसागर को जब मालूम पड़ा था कि सम्मेद शिखर को पर्यटन स्थल घोषित किया गया है, तो वे इसके विरोध में लगातार उपवास पर थे. उनके बाद अब मुनि समर्थ सागर ने भी अन्न का त्याग कर तीर्थ को बचाने के लिए पहल की है. मुनि सुज्ञेयसागर का जन्म जोधपुर के बिलाड़ा में हुआ था, लेकिन उनका कर्मक्षेत्र मुंबई का अंधेरी रहा. उन्होंने आचार्य सुनील सागर महाराज से गिरनार में दीक्षा ली थी.

इको टूरिज्म नहीं इको तीर्थ चाहता है जैन समाज

इस मसले पर सम्मेद शिखर में विराजित मुनिश्री प्रमाण सागरजी का कहना है कि सम्मेद शिखर इको टूरिज्म नहीं, इको तीर्थ होना चाहिए. सरकार पूरी परिक्रमा के क्षेत्र और इसके 5 किलोमीटर के दायरे के क्षेत्र को पवित्र स्थल घोषित करे, ताकि इसकी पवित्रता बनी रहे. दरअसल जैन समाज को आशंका है कि पर्यटन स्थल बनने के बाद यहां मांस-मदिरा बिकने लगेगा, जो समाज की भावना और मान्यता के खिलाफ है.

विश्व का सबसे महत्वपूर्ण जैन तीर्थ स्थल है सम्मेद शिखर

पारसनाथ पहाड़ी को पर्यटन स्थल घोषित किए जाने के खिलाफ देशभर में विरोध-प्रदर्शन का सिलसिला जारी है. झारखंड का हिमालय माने जाने वाले इस स्थान पर जैनियों का पवित्र तीर्थ शिखरजी स्थापित है. इस पुण्य क्षेत्र में जैन धर्म के 24 में से 20 तीर्थंकरों ने मोक्ष की प्राप्ति की. यहां पर 23वें तीर्थंकर भगवान पार्श्वनाथ ने भी निर्वाण प्राप्त किया था. पवित्र पर्वत के शिखर तक श्रद्धालु पैदल या डोली से जाते हैं. जंगलों, पहाड़ों के दुर्गम रास्तों से गुजरते हुए नौ किलोमीटर की यात्रा तय कर शिखर पर पहुंचते हैं. इसे भी पढ़ें – राज्यसभा">https://lagatar.in/rajya-sabha-elections-2016-ed-seeks-supervision-report-from-jharkhand-police-in-horse-trading-case/">राज्यसभा

चुनाव 2016 हॉर्स ट्रेडिंग मामले में ईडी ने झारखंड पुलिस से मांगी सुपरविजन रिपोर्ट
[wpse_comments_template]

Comments

Leave a Comment

Follow us on WhatsApp