Ranchi News: डुमरी विधायक और झारखंड लोकतांत्रिक क्रांतिकारी मोर्चा (JLKM) के केंद्रीय अध्यक्ष जयराम कुमार महतो ने खान और खनिज (विकास और विनियमन) संशोधन विधेयक 2026 को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखा है. उन्होंने इस विधेयक पर दोबारा विचार करने और इसे वापस लेने की मांग की है.
जयराम महतो ने कहा है कि नए कानून से झारखंड को मिलने वाला खनिज सेस बंद हो सकता है. इससे राज्य की कमाई पर बड़ा असर पड़ेगा. इसका असर विकास योजनाओं और जनहित के कामों पर भी पड़ सकता है.
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झारखंड की जमीन और लोगों का भी मुद्दा उठाया
पत्र में जयराम महतो ने कहा कि झारखंड के लोगों ने खनन परियोजनाओं के लिए बड़ी मात्रा में अपनी जमीन दी है. इसके बदले लोगों को विस्थापन और प्रदूषण जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ता है. उनका कहना है कि अगर राज्य को खनिजों पर सेस लगाने का अधिकार नहीं रहेगा तो झारखंड को मिलने वाला राजस्व कम हो जाएगा. ऐसे में राज्य की आर्थिक स्थिति पर और दबाव बढ़ सकता है.
सेस से 13,800 करोड़ जुटाने का लक्ष्य
जयराम महतो ने पत्र में बताया कि वित्तीय वर्ष 2026-27 में झारखंड सरकार ने खनिज सेस से करीब 13,800 करोड़ रुपये राजस्व जुटाने का लक्ष्य रखा है. अप्रैल से जुलाई 2026 के बीच राज्य को सेस से करीब 4,400 करोड़ रुपये मिल भी चुके हैं. उनके अनुसार, नए विधेयक के लागू होने के बाद इस आय पर असर पड़ सकता है.
कोयला रॉयल्टी का भी उठाया मुद्दा
जयराम महतो ने केंद्र और झारखंड के बीच कोयला रॉयल्टी के पुराने विवाद का भी जिक्र किया है. उन्होंने कहा कि झारखंड सरकार ने कोयला रॉयल्टी के रूप में केंद्र से करीब 1.36 लाख करोड़ रुपये की राशि का दावा किया है. इस मामले का अब तक समाधान नहीं हुआ है. पत्र में उन्होंने कहा कि झारखंड देश के खनिज संपदा वाले प्रमुख राज्यों में है. इसके बावजूद राज्य को आर्थिक चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है.
PM से कानून वापस लेने की मांग
जयराम महतो ने प्रधानमंत्री से झारखंड के हित को ध्यान में रखते हुए विधेयक पर फिर से विचार करने की मांग की है. उन्होंने कहा कि राज्य की आर्थिक स्थिति, खनिज संपदा और यहां के लोगों के हितों को देखते हुए इस विधेयक को वापस लिया जाना चाहिए.
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