NewDelhi : कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने राहुल गांधी की भारत जोड़ो यात्रा को लेकर कहा है कि इस यात्रा से कांग्रेस संगठन में नयी जान आयी है. हम जिन राज्यों से गुजरे हैं, जहां से नहीं भी गुजरे हैं वहां भी एक नयी उमंग और नया जोश देखने को मिल रहा है. यह महसूस भी हो रहा है. कुछ राज्य ऐसे भी हैं जहां भारत जोड़ो यात्रा अलग से निकाली गयी है. इससे कांग्रेस को संजीवनी मिली है.
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पाकिस्तान स्थित हिजबुल मुजाहिद्दीन चीफ सैयद सलाहुद्दीन के खिलाफ एक्शन की तैयारी में जम्मू-कश्मीर पुलिस राहुल जी की छवि में क्रांतिकारी परिवर्तन आया है
महासचिव जयराम रमेश ने कहा कि राहुल जी की छवि में क्रांतिकारी परिवर्तन आया है. जिस तरह से उनकी छवि भाजपा के सोशल मीडिया के लोगों द्वारा बिगाड़ी गयी थी, वो बात अब इतिहास हो गयी है. कहा कि आलोचना किसी की भी हो सकती है, लेकिन अब वे लोग व्यक्तिगत तौर पर राहुल जी के बारे में कुछ नहीं कह सकते. राहुल गांधी जिस तरह से रोज 23-24 किलोमीटर चल रहे हैं, हजारों-लाखों लोगों से मिल रहे हैं, उन्हें सुन रहे हैं, यह उनके (राहुल) लिए और पार्टी के लिए भी उपलब्धि है.
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के खेल मंत्री संदीप सिंह के खिलाफ यौन उत्पीड़न का केस दर्ज, इस्तीफा दिया पीएम बनने की इच्छा पालने वालों को भारत जोड़ो यात्रा से गहरा धक्का लगा
जानकारों का मानना है कि 2024 में विपक्षी एकता के नाम पर पीएम बनने की इच्छा पालने वालों को भारत जोड़ो यात्रा से गहरा धक्का लगा है.कांग्रेस के वरिष्ठ नेता कमलनाथ ने 2024 के लोकसभा चुनाव में राहुल गांधी के विपक्ष की ओर से प्रधानमंत्री पद चेहरा होने की पैरवी की है. दूसरी तरफ, अखिलेश यादव और कुछ अन्य प्रमुख विपक्षी नेताओं ने यात्रा से दूरी बनाई है जिससे विपक्षी एकजुटता की संभावना पर प्रश्नचिह्न लगा है.
यात्रा का मकसद कभी भी विपक्षी एकता नहीं था
विपक्षी नेताओं की यात्रा से दूरी बनाये जाने को लेकर जयराम रमेश ने कहा कि मैं यह स्पष्ट कर देना चाहता हूं कि यात्रा का मकसद कभी भी विपक्षी एकता नहीं था. हमने यह नहीं सोचा कि विपक्ष में एकजुटता लाने के लिए भारत जोड़ो यात्रा निकालें. हमने कहा कि हमें संगठन को मजबूत करना है, कांग्रेस पार्टी में एक नयी जान फूंकनी है, इसके लिए यात्रा निकालनी है. इस क्रम में जयराम रमेश ने कहा कि कई राजनीतिक दलों को निमत्रंण दिया, कुछ आये, कुछ नहीं आये. भारत जोड़ो यात्रा से पार्टी में परिवर्तन आया है, राहुल जी की छवि में जो परिवर्तन आया है. मैं तो फिलहाल सिर्फ भारत जोड़ो यात्रा के बारे में सोचता हूं.
भाजपा का एकमात्र राष्ट्रीय विकल्प कांग्रेस है
मैं मानता हूं कि अगर कांग्रेस अपने आप को मजबूत नहीं कर सकती तो विपक्षी एकता एक ख्वाब रहेगी. विपक्षी एकता का यह मतलब नहीं है कि कांग्रेस पार्टी सिर्फ लोकसभा की 200 सीट पर लड़े. यह नामुमकिन है. यह कभी नहीं हो सकता कि विपक्ष की एकता के नाम पर कांग्रेस सिर्फ 200 सीट पर चुनाव लड़े. विपक्षी दलों को भी समझना चाहिए कि भाजपा का एकमात्र राष्ट्रीय विकल्प कांग्रेस है. विचारधारा के आधार पर एक ही विकल्प है. विपक्षी दल हमेशा कांग्रेस से लेते रहे हैं. विपक्षी एकता का मतलब कुछ लेना और कुछ देना है. कांग्रेस अब तक सिर्फ देती रही है, वो जमाना गया. [wpse_comments_template]
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