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जमशेदपुर : करनडीह में संताली भाषा के कवि गुरु साधु रामचंद मुर्मू की 126 वीं जयंती मनी

Jamshedpur (Sunil Pandey) : गुरु गोमके सभागार दिशोम जाहेर करनडीह में जाहेरथान कमिटी के द्वारा रविवार को संताली भाषा के कवि गुरु साधु रामचंद मुर्मू की 126 वीं जयंती मनायी गई. इस अवसर पर जाहेर थान कमिटि के अध्यक्ष सी आर माझी ने कहा कि साधु रामचंद मुर्मू एक संताली कवि के साथ साथ लेखक और शिक्षक भी थे.  उन्होंने संताली साहित्य और संगीत को फिर से आकर दिया. उन्हें संताली साहित्य के महाकवि एवं कवि गुरु भी कहा जाता है. वह स्वदेशी संताल समुदाय को प्रोत्साहित करते हैं एवं शिक्षा और संस्कृति में प्रेरित करते हैं. उन्होंने संताली भाषा में कई पुस्तकें लिखी है उनमें से मुख्य हैं लिटा गोडेत, सारी धोरोम, सोंसार थेन, ओल दोहो ओनोड़हें आदि शामिल हैं. इसे भी पढ़ें : जमशेदपुर">https://lagatar.in/jamshedpur-hundreds-of-workers-from-east-singhbhum-participated-in-ajsu-partys-ranchi-social-justice-yatra/">जमशेदपुर

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कार्यक्रम में ये लोग थे मौजूद

इस अवसर पर जाहेरथान कमिटि के चेयरमैन माझी जुवराज टुडू, बीरप्राताप मुर्मू, जोबा मुर्मू आदि ने भी अपने विचार व्यक्त किए. कार्यक्रम में जाहेर थान कमिटि के वरिय उपाध्यक्ष गणेश टुडु, बुढ़ान माझी, बाबुराम सोरेन, पिताम्बर हांसदा, करन सोरेन, उपेन्द्र मुर्मू, दिनेश सोरेन, करना मुर्मू, लुसी टुडु, सलखान, कुशो, मिर्जा, लेदेम मार्डी आदि उपस्थित थे. सभा का संचालन अखिल भारतीय संताली लेखक संघ के महासचिव रवींन्द्र नाथ मूर्मू ने किया. इसे भी पढ़ें : जमशेदपुर">https://lagatar.in/jamshedpur-temperature-below-normal-due-to-rain-warning-of-thunder-and-hailstorm-on-may-01/">जमशेदपुर

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