Jamshedpur (Anand Mishra) : जमशेदपुर के सोनारी स्थित बी-7 वृंदावन गार्डन आवास पर संस्कृत और हिन्दी के महाकवि आचार्य जानकी वल्लभ शास्त्री की 12वीं पुण्यतिथि मनाई गई. साहित्यकार सह असिस्टेंट प्रोफेसर डीबीएमएस कॉलेज ऑफ एजुकेशन डॉ अरुण सज्जन ने अपने उद्बोधन में आचार्य जानकी वल्लभ शास्त्री को छायावोदोत्तर हिन्दी कविता के शीर्ष महाकवि के रूप में स्मरण करते हुए कहा कि आचार्य जानकी वल्लभ शास्त्री के गीतों में मानवीय संवेदना की जो अन्तर्वेदना सुनाई पड़ती है, वह अन्यत्र दुर्लभ है. इसे भी पढ़ें : जमशेदपुर">https://lagatar.in/jamshedpur-a-team-of-70-litterateurs-of-the-city-leaves-for-varanasi-ayodhya-tour/">जमशेदपुर
: वाराणसी-अयोध्या भ्रमण पर नगर के 70 साहित्यकारों का दल रवाना उन्होंने कहा कि आचार्य जानकी वल्लभ शास्त्री का विपुल साहित्य हिन्दी की धरोहर है, जिसकी समग्र आलोचना की आज महती आवश्यकता है. समारोह में उपस्थित साहित्यकारों ने आचार्य शास्त्री की तस्वीर पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि अर्पित की. इनमें डॉ जूही समर्पिता, इन्दिरा पांडेय, मधु सिंह, अरुणा झा, किरण सज्जन समेत अन्य शामिल थे. [wpse_comments_template]
: वाराणसी-अयोध्या भ्रमण पर नगर के 70 साहित्यकारों का दल रवाना उन्होंने कहा कि आचार्य जानकी वल्लभ शास्त्री का विपुल साहित्य हिन्दी की धरोहर है, जिसकी समग्र आलोचना की आज महती आवश्यकता है. समारोह में उपस्थित साहित्यकारों ने आचार्य शास्त्री की तस्वीर पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि अर्पित की. इनमें डॉ जूही समर्पिता, इन्दिरा पांडेय, मधु सिंह, अरुणा झा, किरण सज्जन समेत अन्य शामिल थे. [wpse_comments_template]
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