Search

Advertisement
Advertisement
Advertisement

जमशेदपुर : 1933 की ऑस्टिन सेवेन रही आकर्षण का केंद्र

Advertisement
Advertisement
Jamshedpur (Rohit Kumar)पुरानी गाड़ियों का शौक रखने वालों के लिए जमशेदपुर में विंटज कार एंड बाइक रैली का आयोजन किया गया है. इस दौरान सन् 1926 से लेकर 1985 मॉडल की कार और सन् 1923 से लेकर 1985 की बाइक को कार्यक्रम में शामिल किया गया. कार्यक्रम में कुल 66 कारें और 91 बाइकों ने हिस्सा लिया. हालांकि लोगों की बीच सन् 1933 की ऑस्टिन 7 आकर्षण का केंद्र बनी रही. वहीं इसमें द्वितीय विश्व युद्ध में इस्तेमाल की गई पैरा ड्रापर बाइक को भी प्रदर्शित किया गया था. इस कार्यक्रम की शुरुआत से ही लोगों की भीड़ जमा होने लगी थी. कई लोगों ने पुरानी गाड़ियों को देख अपने पुराने दिन को याद किया. कोई गाड़ी का इतिहास जानना चाह रहा था तो खासकर यूथ पुरानी गाड़ियों के साथ तस्वीर उतारने में व्यस्त रहे. इसे भी पढ़ें : धनबाद">https://lagatar.in/dhanbad-truck-loaded-with-banned-thai-mangur-fish-caught/">धनबाद

: प्रतिबंधित थाई मांगुर मछली लदा ट्रक पकड़ाया, खूनी संघर्ष की आशंका

लिम्का बुक में नाम दर्ज करा चुकी है ऑस्टिन सेवेन 

प्रदर्शनी में 1933 मॉडल का ऑस्टिन सेवेन गाड़ी शामिल है. जिसके वर्तमान मालिक कोलकाता के गुरुमुख सिंह खोखर हैं. इसमें ऑस्टिन सेवेन एचपी का इंजन है. जिसकी ताकत 700 सीसी है. गुरमुख ने बताया कि यह कार मयूरभंज के राजा ने सन् 1933 में ली थी. उसके बाद उनसे किसी और ने ली. साल 1991 में उन्होंने इस गाड़ी को खरीदा. वे इस कार के तीसरे मालिक हैं. उस जमाने की यह सबसे सस्ती गाड़ी है. आज से कोई 70 साल पहले इसकी कीमत 800 रुपये थी. यह कोलकाता रैली में 39 बार इंडिविजुएल ट्रॉफी जीत चुकी है. इस कारण इसका नाम लिम्का बुक में दर्ज है. इसे भी पढ़ें : घाटशिला">https://lagatar.in/ghatshila-people-got-tested-in-ovarian-cancer-screening-and-counseling-camp/">घाटशिला

: ओवेरियान कैंसर जांच एवं सलाह शिविर में लोगों ने कराया टेस्ट

द्वितीय विश्वयुद्ध में इस्तेमाल की गई बाइक भी मौजूद

द्वितीय विश्वयुद्ध में इस्तेमाल की गयी छोटी बाइक भी प्रदर्शनी में है. इसे पैराट्रूपर बाइक कहा जाता है. जिसे सैनिक हेलीकॉप्टर में लेकर चलते थे. दुश्मन को देखकर बाइक सहित पैरासूट से छलांग लगा देते थे. इसमें ब्रेटेन की विलियर्स कंपनी का इंजन लगा है. इसमें हॉर्न और लाइट नहीं है. यह ठेलकर स्टार्ट होती है. इसके मालिक चाईबासा के गुरुमुख सिंह हैं. गाड़ी की ताकत 2.5 सीसी है. आठ साल पहले इंग्लैंड से टायर मंगाकर इसमें लगाया गया है. साइकिल का रिम लगा है. इसे भी पढ़ें : योग">https://lagatar.in/yoga-keeps-incurable-diseases-away-ghanshyam-yogi/">योग

से असाध्य रोग रहता है दूर : घनश्याम योगी

ऋषि कपूर ने एक गाने में इस्तेमाल की थी मर्सीडीज बेंज 

जमशेदपुर के आरुष सबरवाल के पास 1961 मॉडल की मर्सीडीज बेंज 190 है जिसे उन्होंने दिल्ली के एक कपूर फैमली से खरीदी थी. इस गाड़ी में आज भी ऑरिजनल पेंट और ग्लास लगे हुए हैं. आरुष बताते हैं कि यह कार ऋषि कपूर ने अपने एक गाने में इस्तेमाल की है. आज भी वे इस कार को सहेज कर रखे हुए हैं. इसे भी पढ़ें : लातेहार">https://lagatar.in/latehar-pratul-shahdev-reached-the-house-of-the-deceased-student-talked-to-dig/">लातेहार

: मृतक छात्र के घर पहुंचे प्रतुल शाहदेव, डीआईजी से की बात

ट्राइम्फ की कई बाइकें मौजूद 

इस प्रदर्शनी में ट्राइम्फ कंपनी की कई बाइकें मौजूद है जो आज भी चलंत हालत में है. इसमें सबसे बेहतर 3डब्ल्यूएच मॉडल शामिल है. जिसे आर्मी के लिए बनाया गया था. यह एक मेड इन इंग्लैंड बाइक है. यह बाइक 350 सीसी की चार स्ट्रॉक वाली इंजन से लैस है जिसकी टॉप स्पीड 80 माइल प्रति घंटा है. [wpse_comments_template]

Comments

Leave a Comment

Follow us on WhatsApp

Lagatar Media

Lagatar Media App
बेहतर न्यूज़ अनुभव
Lagatar Media App
ब्राउज़र में ही