: कदमा हिंसा का मामला एक सोची समझी साजिश : अमरेंद्र प्रताप
alt="" width="600" height="317" /> दूसरी तरफ उन्होंने यह भी कहा कि हमारे आज के बच्चों का एक्सपेक्टेशन अधिक है, लेकिन उसके अनुरूप कौशल नहीं हैं. इस संदर्भ में उन्होंने कहा कि बच्चों को सर्वप्रथम अपने एप्टीट्यूट को पॉजिटिव रखना है. कौशल विकास एवं पॉजीटीव एप्टीट्यूट का विकास कैसे हो, इस पर उन्होंने बहुत सारे टिप्स दिये. इससे पूर्व कार्यशाला के आरंभ में ही टी एंड पी अध्यक्ष डॉ विक्रम शर्मा ने आगत अतिथियों संजीव सतपथी एवं कन्सलटेन्सी क्षेत्र के दिलीप मंगराज का स्वागत किया. संस्थान के निदेशक प्रो (डॉ) आरएन गुप्ता एवं प्राचार्य प्रो (डॉ) राजेश कुमार तिवारी ने उन्हें गुलदस्ता एवं स्मृति भेंट कर उनका स्वागत किया. संस्थान के कोषाध्यक्ष ने इस कार्यशाला के आयोजन पर संतोष व्यक्त करते हुए कहा कि सभी बच्चों के लिए यह कार्यशाला मागदर्शन का काम करेगी. कार्यशाला के आयोजन में प्रो अभिलाष घोष, प्रो शांतिमोय मंडल, राजीव रंजन दास व अन्य की सराहनीय भूमिका रही. [wpse_comments_template]

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