Search

जमशेदपुर : 47 प्रतिशत भारतीय इंजीनियरिंग ग्रेजुएट एंप्लॉएबल नहीं : संजीव सतपथी

Jamshedpur (Anand Mishra) : जमशेदपुर स्थित आरवीएस कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी, में शनिवार को एकदिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया. इसमें मुख्य वक्ता मशहूर एचआर एवं जिन्दल स्टील अंगूल ओड़िशा के जेनरल मैनेजर संजीव सतपथी थे. कार्यशाला का विषय था-इंजीनियरिंग ग्रेजुएट के लिए रोजगार की संभावना. रोजगार की संभावना पर विस्तार से चर्चा करते हुए उन्होंने कहा कि एंप्लॉयबल इंजीनियर्स की हालत भारत में अच्छी नहीं है. लगभग 47 प्रतिशत भारतीय इंजीनियरिंग ग्रेजुएट एंप्लॉयबल नहीं है. लगभग 18 प्रतिशत ग्रेजुएट आईटी सेक्टर में जाते हैं. बाकी सेक्टर्स की हालत अधिक दयनीय है. स्टार्टअप के लिए 3 प्रतिशत ग्रेजुएटस तैयार हैं. इन सारी परिस्थितियों को डाटा के माध्यम से सभागार में उपस्थित छात्र-छात्राओं को समझाने का प्रयास श्री सतपथी ने किया. इसे भी पढ़ें : जमशेदपुर">https://lagatar.in/jamshedpur-kadma-violence-case-a-well-planned-conspiracy-amarendra-pratap/">जमशेदपुर

: कदमा हिंसा का मामला एक सोची समझी साजिश : अमरेंद्र प्रताप
https://lagatar.in/wp-content/uploads/2023/05/RVS-2A.jpg"

alt="" width="600" height="317" /> दूसरी तरफ उन्होंने यह भी कहा कि हमारे आज के बच्चों का एक्सपेक्टेशन अधिक है, लेकिन उसके अनुरूप कौशल नहीं हैं. इस संदर्भ में उन्होंने कहा कि बच्चों को सर्वप्रथम अपने एप्टीट्यूट को पॉजिटिव रखना है. कौशल विकास एवं पॉजीटीव एप्टीट्यूट का विकास कैसे हो, इस पर उन्होंने बहुत सारे टिप्स दिये. इससे पूर्व कार्यशाला के आरंभ में ही टी एंड पी अध्यक्ष डॉ विक्रम शर्मा ने आगत अतिथियों संजीव सतपथी एवं कन्सलटेन्सी क्षेत्र के दिलीप मंगराज का स्वागत किया. संस्थान के निदेशक प्रो (डॉ) आरएन गुप्ता एवं प्राचार्य प्रो (डॉ) राजेश कुमार तिवारी ने उन्हें गुलदस्ता एवं स्मृति भेंट कर उनका स्वागत किया. संस्थान के कोषाध्यक्ष ने इस कार्यशाला के आयोजन पर संतोष व्यक्त करते हुए कहा कि सभी बच्चों के लिए यह कार्यशाला मागदर्शन का काम करेगी. कार्यशाला के आयोजन में प्रो अभिलाष घोष, प्रो शांतिमोय मंडल, राजीव रंजन दास व अन्य की सराहनीय भूमिका रही. [wpse_comments_template]

Comments

Leave a Comment

Follow us on WhatsApp