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जमशेदपुर : साक्ष्य के अभाव में भाजपा उपाध्यक्ष सुधांशु समेत 6 बरी, रघुवर दास पर है कदमा थाना से भगाने का आरोप

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Jamshedpur : दंगा भड़काने व सरकारी कार्य में बाधा डालने के आरोप में गिरफ्तार किए गए भाजपा के उपाध्यक्ष सुधांशु ओझा सहित छह अन्य को गुरुवार को साक्ष्य के अभाव में जमशेदपुर की एक अदालत ने बरी कर दिया. इसी मामले में सुधांशु ओझा सहित अन्य आऱोपियों को कदमा थाना से जबरन भगाने के मामले में पूर्व मुख्यमंत्री रघुवर दास के खिलाफ अलग से मामला विचाराधीन है. वर्तमान में केस की सुनवाई रांची की अदालत में विचाराधीन है.

मंदिर निर्माण को ले हुए विवाद ने सांप्रदायिक रुप लिया था

[caption id="attachment_207568" align="aligncenter" width="300"]https://lagatar.in/wp-content/uploads/2021/12/ojha1-300x225.jpg"

alt="" width="300" height="225" /> अधिवक्ता प्रभात शंकर तिवारी एवं चंद्रभूषण ओझा[/caption] बचाव पक्ष के अधिवक्ता प्रभात शंकर तिवारी ने बताया कि वर्ष 2007 में कदमा थाना क्षेत्र के शास्त्रीनगर में मंदिर निर्माण को लेकर दो पक्षों के बीच विवाद ने सांप्रदायिक रुप ले लिया. इस मामले में कदमा पुलिस ने भाजपा नेता सुधांशु ओझा सहित उमेश सिंह, भुवनेश्वर सिंह, अशोक तिवारी, राजेश सिंह, एवं राजकुमार राय को गिरफ्तार कर लिया. सभी को थाना लाया गया. इसकी जानकारी जमशेदपुर पूर्वी के तात्कालीन विधायक रघुवर दास को होने के बाद उनके नेतृत्व में कदमा थाना में जमावड़ा लगा. इस दौरान पुलिस हिरासत से सभी आरोपी भाग गए. इसे भी पढ़ें :श्री">https://lagatar.in/bomb-attack-on-young-state-president-of-shri-rashtriya-rajput-karni-sena-narrowly-survived/">श्री

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प्राथमिकी तात्कालीन पुलिस पदाधिकारी राजीव कुमार ने दर्ज की

इस मामले की प्राथमिकी तात्कालीन पुलिस पदाधिकारी राजीव कुमार ने दर्ज की. सभी के खिलाफ धारा 147, 149, 447, 353, 153 एवं 153ए के तहत चार्जशीट जमा किया गया. लेकिन अदालत में पुलिस गिरफ्तारी मेमो नहीं जमा कर सकी. जिससे साबित हो कि सभी आऱोपियों को पुलिस की हिरासत से भगाया गया था. वहीं अभियोजन के कई गवाहों ने भी इसकी पुष्टि नहीं की. जिसका लाभ सभी आऱोपियों को मिला. इस मामले की सुनवाई जमशेदपुर के एसडीजेएम रंजय कुमार की अदालत में चल रहा था. वचाव पक्ष के वरीय अधिवक्ता चंद्रभूषण ओझा ने भी पैरवी की. [wpse_comments_template]

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