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आकांक्षी जिलों के लिए नहीं आता अलग से फंड
एक सवाल के जवाब में केन्द्रीय वित्त राज्य मंत्री ने कहा कि आकांक्षी जिलों के लिए इंडिकेटर्स पहले से तय किए गए. उन इंडिकेटर्स के आधार पर विकास के कार्यों को निष्पादित किया जाना हैं. इसके लिए अलग से किसी तरह की विशेष फंड की व्यवस्था नहीं हैं. पहले से इंडिकेटर्स के आधार पर तय फंड से भी विकास कार्य किए जाने हैं. उन्होंने कहा कि पूरे देश में 112 आकांक्षी जिले हैं. जिनमें झारखंड में 19 हैं. पूर्वी सिंहभूम जिला विकास के मामले में पूरे देश में 12 वें पायदान र है. उक्त जिलों में हुए विकास कार्यों की अभी समीक्षा (प्रेस वार्ता के बाद बैठक में) की जानी हैं. इससे पहले वित्त राज्य मंत्री ने केन्द्र की पीएम जन-धन योजना, पीएम स्वास्थ्य बीमा योजना, जीवन ज्योति दुर्घना बीमा योजना, अटल पेंशन योजना, स्ट्रीट वेंडर्स योजना की प्रगति की समीक्षा की. इसे भी पढ़ें : जमशेदपुर:">https://lagatar.in/jamshedpur-neighbor-in-bagbera-accused-of-theft/">जमशेदपुर:बागबेड़ा में पड़ोसी पर लगाया चोरी का आरोप
ऋण प्रदान करने में सीएनटी-एसपीटी एक्ट बन रहा बाधक
झारखंड में लागू सीएनटी एवं एसपीटी एक्ट के कारण लोन प्रदान करने में काफी समस्याएं आ रही हैं. जिसके कारण आदिवासी एवं जरूरतमंदों को बैंकों से सहायता नहीं मिल पाती हैं. इस मामले में राज्य सरकार को नियमों को सरल बनाना चाहिए. केंद्रीय वित राज्य मंत्री ने कहा कि वे इस संबंध में राज्य के मुख्यमंत्री एवं वित्त मंत्री से वार्ता करेंगे. इसका हल जल्द निकले इस दिशा में वे प्रयास करेंगे. उन्होंने कहा झारखंड में बैंकिंग सेवाएं बेहतर नहीं हैं. यहां का सीडी रेसियो काफी कम हैं. जिसे बढ़ाने की जरूरत है. इसे भी पढ़ें : जमशेदपुर">https://lagatar.in/jamshedpur-health-minister-honored-rotract-club-of-steel-city-for-blood-warrior/">जमशेदपुर: ब्लड वॉरियर के लिए रोट्रेक्ट क्लब ऑफ स्टील सिटी को स्वास्थ्य मंत्री ने किया सम्मानित
राज्यों को समय पर मिल रहा जीएसटी का हिस्सा
झारखंड सरकार का जीएसटी में बकाया से जुड़े एक सवाल के जवाब में केंद्रीय वित्त राज्य मंत्री ने कहा कि जीएसटी में सभी राज्यों के वित मंत्री अथवा विभाग के अधिकारी शामिल हैं. जीएसटी कौंसिल की बैठक में सभी शामिल होते हैं. उसके निर्णयों से अवगत होते हैं तथा अपना सुझाव एवं प्रस्ताव रखते हैं. ऐसे में किसी राज्य का यह कहना की उसका हिस्सा नहीं मिल रहा है गलत है. सभी राज्यों को उसकी भागीदारी के हिसाब से जीएसटी का हिस्सा प्रदान किया जाता है. झारखंड का जीएसटी मद में कोई हिस्सा बकाया नहीं हैं. इसे भी पढ़ें : जमशेदपुर">https://lagatar.in/jamshedpur-dmo-and-mining-inspector-are-missing-from-the-district-headquarters-by-turning-off-the-mobile/">जमशेदपुर: मोबाइल बंद कर जिला मुख्यालय से गायब हैं डीएमओ एवं माइनिंग इंस्पेक्टर
बैठक में ये अधिकारी थे मौजूद
बैठक में केन्द्रीय मंत्री के निजी सचिव अमित मीणा, सांसद विद्युत वरण महतो, विकास आयुक्त प्रदीप प्रसाद, एडीएम लॉ एंड ऑर्डर नन्दकिशोर लाल, अपर उपायुक्त सह निदेशक डीआरडीए सौरभ सिन्हा, निदेशक एनईपी ज्योत्सना सिंह, सिविल सर्जन डॉ जुझार मांझी, एसीएमओ डॉ साहिर पाल, आरबीआई के संजीव सिंहा, जिला शिक्षा पदाधिकारी, जिला कल्याण पदाधिकारी, जिला समाज कल्याण पदाधिकारी, जेएसएलपीएस एवं नाबार्ड के प्रतिनिधि, तथा अन्य सभी संबंधित विभागों के पदाधिकारी उपस्थित थे. इसे भी पढ़ें : आदित्यपुर">https://lagatar.in/adityapur-chhotu-the-third-named-accused-of-triple-murder-surrenders-in-cjm-court/">आदित्यपुर: ट्रिपल मर्डर के तीसरे नामजद आरोपी छोटू ने सीजेएम कोर्ट में किया सरेंडर [wpse_comments_template]

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