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डीईओ से लेकर डीसी ऑफिस तक पहुंचीं छात्राएं, कहीं नहीं बनी बात
पिछले मंगलवार को छात्राएं उपायुक्त कार्यालय पहुंची थीं. वहां बात नहीं बनी, तो बुधवार को वे जिला शिक्षा पदाधिकारी कार्यालय पहुंचीं. वहां ज्ञापन सौंप पर अपनी परेशानी से अवगत कराया. छात्राओं ने बताया कि वहां भी उनकी एक नहीं सुनी गयी. उसके बाद पुनः वे उपायुक्त कार्यालय पहुंचीं. बता दें कि पहले कॉलेज की अनुशंसा पर जिला स्तर से छात्र अथवा छात्राओं को इंटर्नशिप के लिए विभिन्न विद्यालयों में भेजा जाता था. लेकिन अब यह प्रक्रिया राज्य स्तर से हो रही है. इस क्रम में छात्राओं को सुदूरवर्ती विद्यालयों में भेज दिया गया है. इस कारण छात्राओं को समय और खर्च दोनों ही तरह से नुकसान हो रहा है. इसे भी पढ़ें : सिर्फ">https://lagatar.in/crores-flights-were-touched-in-just-one-click-fake-game-was-being-done-in-name-d-mart-big-basket-big-bazaar/">सिर्फएक क्लिक और करोड़ों उड़न छू, D-Mart, Big Basket, Big Bazaar के नाम पर हो रहा था फर्जी खेल
क्या कहती हैं छात्राएं
छात्राओं ने बताया कि बीएड सत्र 2021-2023 की हम छात्राएं अत्यंत ही चिंताजनक स्थिति से गुजर रही हैं. जमशेदपुर वीमेंस यूनिवर्सिटी बीएड में हम नामांकन करा कर बीच मजझधार में हैं. हम सभी अनुसूचित जनजाति एवं पिछले वर्ग की छात्राएं सुदूर गाँव से आकर छात्रावास एवं पीजी में रह कर नियमित कक्ष की अपेक्षा करती हैं. किंतु पिछले 22 फरवरी 2023 को हमें स्कूल इनटर्नशिप से अब तक घर पर ही बैठना पड़ रहा है. हम कक्षा के लिए जाते भी हैं तो कोई क्लास ही नहीं होता. अभी हमारी तीसरे सेमेस्टर की परीक्षा होनी चाहिए थी, जबकि यूनिवर्सिटी प्रशासन की ओर से हम सभी छात्राओं को उपायुक्त एवं डीईओ कार्यालय का चक्कर काटने को मजबूर किया जा रहा है. हमारे अभिभावक परेशान हैं. नियमित कक्षा न होना, बिना किसी छुट्टी के एक माह से हम सभी छात्राएं घर पर बैठी हैं. इसे भी पढ़ें : SC">https://lagatar.in/sc-said-criticism-of-governments-policies-cannot-be-considered-anti-national-orders-renewal-of-license-of-malayalam-channel/">SCने कहा, सरकार की नीतियों की आलोचना राष्ट्र विरोधी नहीं, मलयालम चैनल का लाइसेंस renewal करने का आदेश

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