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जमशेदपुर : आदिवासी सेंगेल का भारत बंद शहर में बेअसर, करनडीह चौक दो घंटे रहा जाम

Jamshedpur (Sunil Pandey) : सात सूत्री मांगों को लेकर आदिवासी सेंगेल अभियान की ओर से गुरुवार को आदिवासी सेंगेल अभियान की ओर से बुलाया गया भारत बंद जमशेदपुर में बेअसर रहा. शहर से सटे ग्रामीण क्षेत्र करनडीह में सेंगेल के कार्यकर्ताओं ने केन्द्रीय सेंगेल संयोजक बिमो मुर्मू, कोल्हान जोन सेंगेल परगना सीताराम माझी के नेतृत्व में  मांगों को लेकर प्रदर्शन किया तथा सड़क जाम किया. जिसके कारण मुख्य सड़क लगभग दो घंटे के लिए जाम रहा. जिसके कारण बड़े वाहन फंसे रहे. जबकि छोटे वाहन दूसरे मार्ग से आना-जाना करते रहे. करनडीह चौक जाम होने की जानकारी मिलने के बाद परसूडीह पुलिस दल-बल के साथ मौके पर पहुंची. पुलिस ने आंदोलनकारियों को समझा-बुझाकर सड़क से हटाया. हालांकि इस दौरान पुलिस की सड़क जाम करने वालों से आंशिक बहस हुई. पुलिस की सख्ती से पहले सभी लोग बीच रोड से हट गए. जिसके बाद आवागमन बहाल हो सका. इसे भी पढ़ें : जमशेदपुर">https://lagatar.in/jamshedpur-students-of-narayana-have-a-bang-performance-in-neet/">जमशेदपुर

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तपती धूप में जाम में फंसे रहे लोग

भारत बंद के कारण करनडीह चौक जाम रहने से कुछ बाहरी लोग कड़ी धूप में सड़क पर फंसे रहे. गर्मी से परेशान लोग छांव की तलाश करते रहे. कुछ लोगों को पेड़ के नीचे खड़े देखा गया. वहीं वाहनों में बैठे लोग गर्मी से परेशान रहे. करनडीह चौक से घाघीडीह सेंट्रल जेल एवं परसूडीह-प्रमथनगर जाने वाले लोग दूसरे मार्ग से आना-जाना किए. जबकि दूर दराज के लोग खासमहल चौक से परसूडीह के रास्ते सीधे सुंदरनगर पहुंचकर अपने गंतव्य की ओर गए. इसे भी पढ़ें : घाटशिला">https://lagatar.in/ghatshila-examination-form-of-ug-semester-1-will-be-filled-in-the-college-on-june-16-and-17/">घाटशिला

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इन मांगों को लेकर बुलाया भारत बंद

[caption id="attachment_669795" align="aligncenter" width="300"]https://lagatar.in/wp-content/uploads/2023/06/सेंगेल1-28-300x161.jpg"

alt="" width="300" height="161" /> करनडीह चौक पर प्रदर्शन करते सेंगेल के कार्यकर्ता[/caption] आदिवासी सेंगेल अभियान ने अपनी सात सूत्री मांगों को लेकर भारत बंद बुलाया था. जिसमें अनुच्छेद 25 के तहत प्रकृति पूजक धर्म (सरना धर्म) कोड लागू करना, मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन द्वारा 5 जनवरी 2023 को पारसनाथ मरांग बुरू को जैन धर्मावलंवियों को सुपूर्द कर दिया गया. उसे मुक्त कराने,संताली को झारखंड में प्रथम राजभाषा का दर्जा देने, कुर्मी को अनुसूचित जनजाति का दर्जा नहीं देना, झारखंड में "अबुआ दिशोम, अबुआ राज" की स्थापना करना, असम-अंडमान के  झारखंडी आदिवासियों को अनुसूचित जनजाति का दर्जा देना तथा आदिवासी स्वाशासन व्यवस्था( माझी, परगना, मानकी-मुंडा आदि) में जनतांत्रिक और संवैधानिक सुधार करना शामिल है. प्रदर्शन करने वालों में पूर्वी सिंहभूम जिला सेंगेल परगना जुनियर मुर्मू,  गोलमुरी सह जुलाई सेंगेल परगना मुनीराम हेम्ब्रोम, महानगर सेंगेल परगना जोबारानी बास्के, बोदरा टोला सेंगेल मदीना छिता मुर्मू, सीता मुनी हांसदा, सेंगेल सरना धर्म महासचिव डा. सोमाय सोरेन, भगीरथ मुर्मू, अर्जुन मुर्मू, मंगल आल्डा, भीम सोय, किरण कुमार टुडू, जगत मुर्मू,भगीरथ मुर्मू, सनत बास्के, किसुन हांसदा,  आदि उपस्थित थे. इसे भी पढ़ें : जमशेदपुर">https://lagatar.in/jamshedpur-husband-was-giving-pressure-to-have-sex-wife-attacked-with-knife/">जमशेदपुर

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