सर कुछ हाथ नहीं लगा है
चमचमाती कार से पहुंचता है ब्राउन शुगर
तीन माह पहले की बात करें तो मानगो पुलिस ने एक चमचमाती कार से आधी रात को जांच के क्रम में ब्राउन शुगर बरामद किया था. कार से पुलिस ने खूबसूरत युवती को भी गिरफ्तार किया था. पूछताछ में खुलासा हुआ था कि युवती यही कारोबार करती है.आदित्यपुर की डॉली परवीन है ड्रग्स पैडलर
आदित्यपुर मुस्लिम बस्ती की डॉली परवीन का नाम ड्रग्स पैडलर में सबसे उपरी पायदान पर आता है. उसका जिम्मा महिलाओं को इस धंधे में जोड़ना है. अबतक वह आदित्यपुर और जमशेदपुर की सैकड़ों महिलाओं को इस धंधे से जोड़ चुकी है. डॉली की कई महिला साथियों को पुलिस गिरफ्तार कर जेल भी भेज चुकी है. बावजूद यह धंधा फल-फूल रहा है. फिलहाल डॉली परवीन जेल में है. डॉली के गैंग की ही सलमा खातुन है जो जुगसलाई बलदेव बस्ती की रहने वाली है. उसे भी पुलिस ने कई बार जेल भेजा है.किंगपिन तक नहीं पहुंच पाती है पुलिस
भले ही सरायकेला-खरसावां और जमशेदपुर की पुलिस टीम गैंग के छोटे-छोटे सदस्यों को गिरफ्तार कर जेल भेज देती है, लेकिन किंगपिन तक पुलिस नहीं पहुंच पाती है. अब तो पुलिस से बचने के लिये धंधे को हाइटेक तरीके से चलाया जा रहा है. कम समय में ज्यादा रुपये कमाने की ललक में पढ़ी-लिखी युवतियां भी धंधे से जुड़ रही है. युवतियों पर पुलिस को शंका नहीं होता है और वह आसानी से ब्राउन शुगर को जगह पर पहुंचाने का काम करती है.पिस्तौल के साथ पकड़ायी थी सलमा खातुन
आदित्यपुर की ब्राउन शुगर पैडलर सलमा खातुन की बात करें तो तीन माह पूर्व ही पुलिस ने उसे पिस्तौल के साथ गिरफ्तार कर जेल भेजा था. इसके अलावा पुलिस ने उसके पास से सात पीस जिंदा गोली, 6 लाख रुपये. 20 पुड़िया ब्राउन शुगर भी बरामद किया था. उसे सीतारामडेरा के भालूबासा महिमा रेसीडेंसी के तीसरे तल्ले से गिरफ्तार किया गया था.थाइलैंड से पहुंचता है ब्राउन शुगर
जानकार लोगों ने बताया कि ब्राउन शुगर थाइलैंड से पहुंचता है. थाइलैंड से पहले बंगाल और ओड़िशा पहुंचता है. इसके बाद आदित्यपुर, जमशेदपुर के अलावा राज्य के अलग-अलग जगहों पर पहुंचता है. जहां पर इसकी डिमांड अत्यधिक होती है वहां पर पहले पहुंचाया जाता है. अगर इमरजेंसी में ब्राउन शुगर की जरूरत है तो रांची या धनबाद से तत्काल मंगवाने का काम किया जाता है. आदित्यपुर में खेप उतरने के बाद ब्राउन शुगर को मानगो, सिदगोड़ा, आजादनगर, कपाली, जुगसलाई, उलीडीह, कदमा, सोनारी, बर्मामाइंस, बागबेड़ा, बिष्टुपुर, परसुडीह, गोलमुरी, सुंदरनगर, सीतारामडेरा आदि जगहों पर सावधानीपूर्वक पहुंचाया जाता है.एक पुड़िया की कीमत है 500 रुपये
ब्राउन शुगर के एक पुड़िया की कीमत 500 रुपये है. जानकार लोगों ने बताया कि पुड़िया को जगह तक पहुंचाने के लिये बिल्कुल नये चेहरे को उपयोग में लाया जाता है. इसके लिये मोबाइल पर ही बात होती है और किसी दूसरे व्यक्ति को उस जगह पर ब्राउन शुगर देकर भेजा जाता है. ब्राउन शुगर बेचने का काम अलग-अलग तरीके से किया जाता है. इसे भी पढ़ें : सीरियल">https://lagatar.in/pankaj-dubey-of-paramjit-gang-emerged-like-a-don-in-serial-crime/">सीरियलक्राइम में डॉन की तरह उभरा था परमजीत गैंग का पंकज दुबे [wpse_comments_template]

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