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जमशेदपुर : टाटा संस का अध्यक्ष बनने से पहले साल 2012 में पहली बार शहर आए थे साइरस मिस्त्री

Jamshedpur (Mujtaba Haider Rizvi ) : टाटा संस के पूर्व चेयरमैन साइरस पी मिस्त्री की रविवार को पालघर में सड़क दुर्घटना में मौत हो गई. इस घटना से जमशेदपुर भी दुखी है. साइरस मिस्त्री साल 2012 में टाटा संस के चेयरमैन बनाए गए थे. टाटा संस का चेयरमैन बनने के बाद पहली बार सार्वजनिक रूप से साइरस मिस्त्री 3 मार्च साल 2012 को जमशेदपुर आए थे. वह रतन टाटा के साथ जमशेदपुर पहुंचे थे और तब टाटा स्टील के प्रबंध निदेशक रहे एचएम नेरूरकर के साथ जुबली पार्क जाकर टाटा समूह के संस्थापक जमशेदजी नुसेरवानजी टाटा को श्रद्धांजलि दी थी. टाटा संस के चेयरमैन रतन टाटा ने 3 मार्च के समारोह में लाकर अपने उत्तराधिकारी साइरस पी मिस्त्री को जमशेदपुर वासियों से रूबरू कराया था. टाटा संस के चेयरमैन के पद के लिए साइरस मिस्त्री का नाम घोषित किया जा चुका था. बाद में साइरस मिस्त्री दिसंबर 2012 में टाटा संस के चेयरमैन बने थे. इसे भी पढ़ें : धनबाद:">https://lagatar.in/dhanbad-children-should-stay-away-from-fear-confusion-and-mobile-dr-pramod-pathak/">धनबाद:

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साइरस मिस्त्री ने जमशेदजी नसरवानजी टाटा की 173 वीं जयंती समारोह में पहली बार हिस्सा लिया था. उसी साल साइरस मिस्त्री ने बिष्टुपुर के पोस्टल पार्क में टाटा स्टील के अधिकारियों और कर्मचारियों की सभा को संबोधित भी किया था. साइरस मिस्त्री को टाटा संस की तरफ से 2 अक्टूबर साल 2016 को अध्यक्ष पद से हटा दिया गया था। हालांकि दिसंबर साल 2019 में नेशनल कंपनी लॉ अपीलेट ट्रिब्यूनल (एनसीएलएटी) ने टाटा संस के चेयरमैन के तौर पर चंद्रशेखरन की पदस्थापना को अवैध करार दे दिया था और साइरस मिस्त्री को अध्यक्ष बनाने के आदेश जारी किए थे. लेकिन, बाद में सुप्रीम कोर्ट ने 10 जनवरी साल 2020 को एनसीएलएटी के आदेश को स्टे कर दिया था. साइरस मिस्त्री की टाटा संस में 18.4% की हिस्सेदारी थी.

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साइरस मिस्त्री की कंपनी ने तैयार किया था टाटा स्टील का ब्लास्ट फर्नेस साइरस मिस्त्री के पिता पालोनजी मिस्त्री थे. उनकी कंपनी शापूरजी पालोनजी समूह ने टाटा स्टील में ब्लास्ट फर्नेस तैयार किया था. यह ब्लास्ट फर्नेस की 4000 टन प्रतिदिन की क्षमता की थी. पालोनजी शापूरजी कई बार जमशेदपुर आए थे. वह जब भी जमशेदपुर आते थे सेंटर प्वाइंट होटल में रुकते थे. इसे भी पढ़ें : बंदगांव">https://lagatar.in/bandgaon-block-level-meeting-of-cook-coordinator-organized/">बंदगांव

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साल 2016 में रतन टाटा व साइरस के संबंधों में आई थी खटास

साल 2012 में साइरस मिस्त्री को टाटा समूह का चेयरमैन बनाया गया था. तब रतन टाटा ने अपने रिटायरमेंट की घोषणा की थी. दिसंबर 2012 में साइरस मिस्त्री को अपना उत्तराधिकारी बताते हुए टाटा संस की बागडोर उन्हें सौंप दी थी. लेकिन साल 2016 आते-आते रतन टाटा और साइरस मिस्त्री के रिश्तों में खटास आ गई और साइरस मिस्त्री को टाटा संस के अध्यक्ष पद से हटा दिया गया. इसे भी पढ़ें : नोवामुंडी">https://lagatar.in/noamundi-guava-karate-team-won-two-gold-4-silver-and-two-branch-medals-in-state-level-karate-tournament/">नोवामुंडी

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बैटरी नंबर 11 का टाटा स्टील में किया था उद्घाटन

टाटा समूह के चेयरमैन साइरस पी मिस्त्री ने साल 2014 में टाटा स्टील के कोक प्लांट में बैटरी नंबर 11 का उद्घाटन किया था. इसके बाद वह टाटा मोटर्स भी गए थे और टाटा स्टील के एमडी टीवी नरेंद्रन के साथ डायरेक्टर्स बंगलों में ठहरे थे. साइरस पी मिस्त्री जब टाटा संस के चेयरमैन थे तो वह कई बार जमशेदपुर आए थे. साइरस पी मिस्त्री नवंबर 2015 में भी जमशेदपुर आए थे और यहां बिष्टुपुर के गोपाल मैदान में संवाद ए ट्राईबल कांक्लेव में पहुंचे थे. यहां उन्होंने खुद नगाड़ा बजा कर संवाद की दूसरी पारी की शुरुआत की थी. आदिवासी संस्थाओं ने साइरस मिस्त्री को सम्मानित भी किया था. [wpse_comments_template]

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