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जमशेदपुर : भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण ने धालभूमगढ़ एयरपोर्ट लिमिटेड को बंद करने का लिया निर्णय

Jamshedpur (Dharmendra Kumar) : सिंहभूम चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री ने राज्य सभा के उप सभापति हरिवंश को उनके जमशेदपुर प्रवास के दौरान पिछले दिनों जमशेदपुर के औद्योगिक विकास एवं आम जनता के मुद्दे पर उनका ध्यान आकृष्ट कराया था. इसके साथ ही उनसे यह मांग की थी कि जमशेदपुर के आसपास एक एयरपोर्ट का होना अनिवार्य है. एयरपोर्ट नहीं होने के करण यहां का औद्योगिक विकास रुक सा गया है जिसके करण यहां रोजगार में बढ़ोत्तरी नहीं हो पा रही है. इससे सम्बंधित एक ज्ञापन भी चैंबर द्वारा उपसभापति को दिया गया था. उपसभापति ने एयरपोर्ट के मुद्दे को लेकर भारत सरकार के नागर विमानन एवं इस्पात मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया को पत्र लिखा था. इसे भी पढ़ें : जमशेदपुर">https://lagatar.in/mazgaon-national-science-day-celebrated-at-bmc-urdu-school/">जमशेदपुर

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प्रस्तावित स्थल हवाई अड्डे के लिए उपयुक्त नहीं

इस पत्र के जवाब में ज्योतिरादित्य सिंधिया ने उपसभापति को लिखा है कि धालभूमगढ़ एयरपोर्ट लिमिटेड को 2019 को झारखंड में हवाई अड्डे के विकास के लिए संयुक्त उद्यम कंपनी के रूप में बनाया गया था. इसके लिए राज्य सरकार को हवाई अड्डे के विकास के लिए भारतीय विमान प्राधिकरण को सभी भार मुक्त भूमि उपलब्ध करानी थी. भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण को राज्य सरकार द्वारा आवश्यक भूमि सौंपने के बाद हवाई अड्डे का विकास करना था तथा अन्य क्षेत्र को राज्य सरकार द्वारा विकास किया जाना था. पर्यावरण मूल्यांकन समिति ने देखा कि प्रस्तावित स्थल जंगलों में पड़ता है जो बड़ी संख्या में हाथियों का निवास स्थान है, और हाथी गलियारे के रूप में जाना जाता है. समिति की बैठक में यह निर्णय लिया गया था कि प्रस्तावित स्थल हवाई अड्डे के विकास के लिए उपयुक्त नहीं है. समिति वर्तमान स्थल चयन से सहमत नहीं थी और परियोजना के प्रस्तावक को एक वैकल्पिक स्थल का पता लगाने के लिए कहा गया था. इसे भी पढ़ें : जमशेदपुर">https://lagatar.in/jamshedpur-arun-gupta-became-the-president-of-jharkhand-provincial-marwari-youth-forum/">जमशेदपुर

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साइट पर नहीं शुरू हुआ कोई विकास कार्य

राज्य सरकार द्वारा भारतीय विमान प्राधिकरण को कोई जमीन नहीं सौंपी गई है और राज्य सरकार द्वारा वन मंजूरी अभी प्राप्त की जानी है. साइट पर कोई विकास कार्य अभी तक शुरू नहीं हुआ है. सभी तत्वों को ध्यान में रखते हुए भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण ने धालभूमगढ़ एयरपोर्ट लिमिटेड को बंद करने का निर्णय लिया है और प्रक्रिया के अनुसार सहमति के लिए राज्य सरकार को 2022 को पत्र भेजा है. इस संबंध में राज्य सरकार द्वारा निर्णय प्रतिक्षित है. वैसे इस पत्र की कॉपी उपसभापति ने चैंबर को 27 फरवरी को भेजी है. [wpse_comments_template]

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