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जमशेदपुर : अखिलेश ने फरारी के दौरान कोर्ट में करवाई थी झामुमो नेता उपेंद्र सिंह की हत्या

Jamshedpur : गैंगस्टर अखिलेश सिंह 28 अगस्त 2016 को पेरोल पर जेल से बाहर निकला था और फरारी के दौरान ही 30 नवंबर 2016 को जमशेदपुर के सिविल कोर्ट में बागबेड़ा के रहने वाले झामुमो नेता सह ट्रांसपोर्टर उपेंद्र सिंह की हत्या दिन-दहाड़े करवायी थी. कोर्ट के बार एसोसिएशन भवन के दूसरे तल्ले पर हुई घटना में कोर्ट परिसर में अफरा-तफरा का माहौल उत्पन्न हो गया था. उस दिन गोली मारने वाले सोनू सिंह और विनोद सिंह उर्फ मोगली को लोगों ने पकड़ लिया था. घटना की जानकारी मिलते ही सीतारामडेरा पुलिस पहुंची थी और घटनास्थल से पुलिस ने पिस्तौल और गोली बरामद किया था. दोनों ने गिरफ्तारी के बाद पुलिस को पूछताछ में बताया था कि अखिलेश सिंह और हरीश सिंह के कहने पर उपेंद्र सिंह की हत्या की थी. बर्मामाइंस के अनिल सिंह की होटल में बैठकर एक दिन पहले हत्या की योजना बनायी थी. घटना के बाद अखिलेश सिंह, हरीश सिंह, जसवीर सिंह, संजय जोजो के अलावा 10 के खिलाफ मामला दर्ज कराया गया था. [caption id="attachment_353908" align="aligncenter" width="554"]https://lagatar.in/wp-content/uploads/2022/07/upendra-singh.jpeg"

alt="" width="554" height="369" /> जेएमएम नेता उपेन्द्र सिंह की फाइल फोटो[/caption] इसे भी पढ़ें : जमशेदपुर">https://lagatar.in/jamshedpur-girl-reached-mgm-hospital-after-taking-rat-killer-after-being-cheated-by-lover/">जमशेदपुर

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टीएमएच पहुंचने के पहले ही हो गयी थी उपेंद्र सिंह की हत्या

उपेंद्र सिंह को कोर्ट परिसर में गोली मारने के बाद पुलिस उसे इलाज के लिये टीएमएच लेकर पहुंची थी, लेकिन उसकी रास्ते में ही मौत हो गयी थी. मौते के बाद उपेंद्र सिंह के समर्थकों ने अस्पताल में खूब हंगामा किया. मामले में पकड़ाये सोनू सिंह और विनोद सिंह को इलाज के लिये पुलिस टीएमएच में लेकर गयी थी. यहां पर उपेंद्र सिंह के समर्थकों ने दोनों पर हमला बोल दिया था. इस बीच उलीडीह के तत्कालीन थाना प्रभारी ने पिस्तौल निकालकर भीड़ पर तान दिया था, तब मामला संभला था. कोर्ट परिसर से लेकर अस्पताल के तक भीड़ ने हंगामा किया था.

पेरोल पर निकलने के बाद ही की थी परमजीत की हत्या

अखिलेश सिंह जब-जब पेरोल पर जेल से बाहर निकला है तब-तब उसने अपने गुर्गों से हत्या करवायी है. अपनी मां का इलाज के लिये 2 सितंबर 2007 को पेरोल पर जब जेल से बाहर निकला था तब फरारी के दौरान परमजीत सिंह की हत्या करवायी थी. फरारी के दौरान भी उसपर कई मामले दर्ज हुये थे. फरारी के चार साल के बाद पुलिस टीम ने उसे 28 दिसंबर 2011 को नोयडा से गिरफ्तार किया था. मार्च 2015 में अखिलेश सिंह अपने पिता चंद्रगुप्त सिंह के इलाज के लिए पेरोल पर निकला था. इसके बाद उपेंद्र सिंह की हत्या करवायी. इसे भी पढ़ें : आदित्यपुर">https://lagatar.in/adityapur-young-man-who-went-to-take-selfie-after-offering-namaz-was-beaten-up-injured-2-arrested/">आदित्यपुर

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कोर्ट में पहले उपेंद्र सिंह ने अखिलेश पर चलवायी थी गोली

नए कोर्ट परिसर में 2014 को उपेंद्र सिंह ने गैंगस्टर अखिलेश सिंह पर फायरिंग करवायी थी. योजना उसकी गोली मारकर हत्या करने की थी, लेकिन गोली फंस जाने के कारण अखिलेश बच गया था. तब अखिलेश एडीजे 2 दीपकनाथ तिवारी की कोर्ट में पेशी के लिये जा रहा था. इस दौरान अखिलेश के समर्थकों ने हमलावर को पीट-पीट कर अधमरा कर दिया था. हमलावर की पहचान गोलमुरी हिंदू लाइन निवासी सरबजीत सिंह के रूप में हुई थी. इसे भी पढ़ें : चाईबासा">https://lagatar.in/chaibasa-in-addition-to-sadar-police-station-in-charge-in-west-singhbhum-many-sis-will-be-transferred/">चाईबासा

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6 दिसंबर 2016 को करवायी अमित राय की हत्या

सोनारी शिवगंगा अर्पाटमेंट का रहने वाला अमित राय कभी अखिलेश सिंह का करीबी हुआ करता था. अखिलेश का हर राज वह जानता था. अखिलेश से अनबन होने के बाद वह उपेंद्र सिंह से जाकर मिल गया था. यही बात अखिलेश गैंग को खटक रही थी. अखिलेश ने उसकी हत्या 6 दिसंबर 2016 को करवायी थी. अमित राय उपेंद्र सिंह का सहयोगी था. घटना के दिन शाम 6 बजे अमित अपने घर पर ही थी. इस बीच उसे बाहर बुलवाया गया था. उसके घर से बाहर निकलते ही बाइक सवार दो शूटरों ने अंधाधुंध गोली मारी थी. घटना के बाद यह खुलासा हुआ था कि बाइक पर अजीत मंडल और संजय सोना था. संजीव गोराई उर्फ बंगाली और मोहन यादव ने अमित को गोली मारी थी. घटना को अंजाम देकर बदमाश गम्हरिया की तरफ फरार हो गये थे.  

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