Jamshedpur (Anand Mishra) : जमशेदपुर के बिष्टुपुर स्थित मिसेज केएमपीएम वोकेशनल कॉलेज में मंगलवार को "स्नातक के बाद आईटी के क्षेत्र में रोजगार के अवसर" विषयक सत्र का आयोजन हुआ. इसमें अंतर्राष्ट्रीय युवा पुरस्कार के लिए चयनित कुणाल षाड़ंगी ने मुख्य वक्ता के रूप में कॉलेज के छात्र-छात्राओं को संबोधित किया. कुणाल षाड़ंगी ने आईटी सेक्टर के महत्व पर प्रकाश डाला और कहा कि आईटी सेक्टर सभी के लिए खुला है. यहां तक कि मानविकी हो या वाणिज्य या इंजीनियरिंग किसी भी पृष्ठभूमि के छात्र-छात्राएं आईटी क्षेत्र में शामिल हो सकते हैं. इसे भी पढ़ें : JCA">https://lagatar.in/jca-gave-financial-assistance-to-the-family-members-of-the-director-of-the-coaching-center/">JCA
ने कोचिंग सेंटर निदेशक के परिजनों को सहयोग राशि दी उन्होंने कहा कि छात्रों को आईटी जैसा कोर्स पूरी लगन और रुचि के साथ करना चाहिए. उन्हें अपने दैनिक जीवन के विभिन्न क्षेत्रों और जमशेदपुर के वातावरण पर गौर करना चाहिए, जहां आईटी के अनुप्रयोग को लागू किया जा सकता है. आईटी सेक्टर में रहने के लिए व्यक्ति को चुस्त रहना चाहिए और अपने ज्ञान को अपडेट करते रहना चाहिए. क्योंकि आज सीखा गया प्रोग्राम तीन महीने बाद पुराना हो सकता है. विद्यार्थियों को अपने पाठ्यक्रम में पूरी रुचि लेनी चाहिए. यदि जुनून है तो किसी भी कार्य को करने के लिए समय निकाल सकते हैं. इसे भी पढ़ें : रांची">https://lagatar.in/ranchi-ru-post-graduate-youth-festival-from-january-10/">रांची
: आरयू स्नातकोत्तर यूथ फेस्टिवल 10 जनवरी से उन्होंने न केवल भारत, बल्कि दुनिया भर में आईटी सेक्टर के महत्व पर कई उदाहरण दिए. उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि आईटी सेक्टर की बदौलत भारत दुनिया पर दबदबा बनाने की स्थिति में है. इस दौरान छात्र अत्यधिक प्रेरित थे और उन्होंने सत्र का आनंद लिया. सवराम फाउंडेशन के ई2ई अभियान के विशाल सिंह ने आईटी के क्षेत्र में अवसरों और झारखंड में रोजगार के अवसरों के विकास से जुड़ी समस्याओं के बारे में बताया. सत्र के दौरान कॉलेज की प्राचार्य डॉ मीता जखनवाल समेत सभी शिक्षक-शिक्षिकाएं एवं छात्र-छात्राएं उपस्थित थे. [wpse_comments_template]
ने कोचिंग सेंटर निदेशक के परिजनों को सहयोग राशि दी उन्होंने कहा कि छात्रों को आईटी जैसा कोर्स पूरी लगन और रुचि के साथ करना चाहिए. उन्हें अपने दैनिक जीवन के विभिन्न क्षेत्रों और जमशेदपुर के वातावरण पर गौर करना चाहिए, जहां आईटी के अनुप्रयोग को लागू किया जा सकता है. आईटी सेक्टर में रहने के लिए व्यक्ति को चुस्त रहना चाहिए और अपने ज्ञान को अपडेट करते रहना चाहिए. क्योंकि आज सीखा गया प्रोग्राम तीन महीने बाद पुराना हो सकता है. विद्यार्थियों को अपने पाठ्यक्रम में पूरी रुचि लेनी चाहिए. यदि जुनून है तो किसी भी कार्य को करने के लिए समय निकाल सकते हैं. इसे भी पढ़ें : रांची">https://lagatar.in/ranchi-ru-post-graduate-youth-festival-from-january-10/">रांची
: आरयू स्नातकोत्तर यूथ फेस्टिवल 10 जनवरी से उन्होंने न केवल भारत, बल्कि दुनिया भर में आईटी सेक्टर के महत्व पर कई उदाहरण दिए. उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि आईटी सेक्टर की बदौलत भारत दुनिया पर दबदबा बनाने की स्थिति में है. इस दौरान छात्र अत्यधिक प्रेरित थे और उन्होंने सत्र का आनंद लिया. सवराम फाउंडेशन के ई2ई अभियान के विशाल सिंह ने आईटी के क्षेत्र में अवसरों और झारखंड में रोजगार के अवसरों के विकास से जुड़ी समस्याओं के बारे में बताया. सत्र के दौरान कॉलेज की प्राचार्य डॉ मीता जखनवाल समेत सभी शिक्षक-शिक्षिकाएं एवं छात्र-छात्राएं उपस्थित थे. [wpse_comments_template]
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