Jamshedpur (Rohit Kumar) : जमशेदपुर के मानगो नगर निगम के नालों का गंदा पानी अब ट्रीटमेंट किए जाने के बाद ही स्वर्णरेखा नदी में
छोड़ा जाएगा. इसको लेकर विस्तृत कार्ययोजना तैयार किया
जाएगा. सोमवार को उपायुक्त विजया जाधव ने चाणक्यपुरी एवं श्यामनगर स्थित स्वर्णरेखा नदी घाट का निरीक्षण
किया. मौके पर निदेशक डीआरडीए सौरभ सिन्हा एवं कार्यपालक पदाधिकारी मानगो नगर निगम सुरेश यादव मौजूद
रहे. स्वर्णरेखा नदी में गिरने वाले नालों की साफ-सफाई का कार्य शुरू कर दिया गया
है. फिलहाल नालों के पानी के साथ प्लास्टिक या अन्य
कचड़ा बहकर नदी में नहीं जाए इसके लिए नालों पर लोहे का जाली लगाने के निर्देश उपायुक्त ने दिए
है. [caption id="attachment_567355" align="aligncenter" width="600"]

https://lagatar.in/wp-content/uploads/2023/02/JSR-DC-2.jpg"
alt="" width="600" height="400" /> स्वर्णरेखा नदी घाट का निरीक्षण करती उपायुक्त एवं अन्य.[/caption]
इसे भी पढ़ें : जमशेदपुर">https://lagatar.in/jamshedpur-loss-of-rs-1-19-crore-due-to-fire-in-kadma/">जमशेदपुर
: कदमा में आग लगने से 1.19 करोड़ रुपए का नुकसान डंपिंग यार्ड को खैरबनी में शिफ्ट करने की योजना बना रही है प्रशासन
नदी के पानी से किनारों का कटाव नहीं होने पाये इसके लिए बोल्डर
बिछाये जाने की भी तैयारी शुरू कर दी गई
है. उपायुक्त ने कहा कि स्वर्णरेखा नदी को प्रदूषण मुक्त रखने की यह कवायद है ताकि नदी साफ-स्वच्छ
रहे. निरीक्षण के दौरान पाया गया कि नालों का गंदा पानी गिरकर पानी को प्रदूषित कर रहे हैं, इससे जलीय जीव जंतु के अस्तित्व पर खतरा होने के साथ-साथ नदी में नहाने या
कपड़ा आदि धोने के लिए जाने वाले लोगों के स्वास्थ्य पर भी खतरा
है. इस दौरान उपायुक्त द्वारा दोमुहानी स्थित
डंपिग यार्ड का भी निरीक्षण किया
गया. डंपिंग यार्ड को
खैरबनी में शिफ्ट करने की योजना पर जिला प्रशासन द्वारा कार्य किया जा रहा
है. [wpse_comments_template]
Leave a Comment