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जमशेदपुर : जांघ के बीच हथियार छिपाकर कोर्ट परिसर में घुस रहा था अंशु चौहान

 
Jamshedpur (Ashok Kumar) : सिविल कोर्ट कैंपस में हथियार के साथ घुसे बागबेड़ा के कन्हैया सिंह के साढ़ू भाई का बेटा अंशु चौहान को सुरक्षाकर्मियों ने शनिवार की शाम जांच के क्रम में दबोच लिया. इस बीच उसने भागने का भी प्रयास किया था, लेकिन सुरक्षा ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मियों ने उसे खदेड़कर दबोच लिया और उसके पास से लोडेड पिस्टल भी बरामद किया. उसकी पिटाई करने के बाद सीतारामडेरा पुलिस को बुलाकर सुपुर्द कर दिया गया. पुलिस मामले में आगे की कार्रवाई कर रही है. इसे भी पढ़ें : धनबाद:">https://lagatar.in/dhanbad-fire-broke-out-in-the-citys-famous-hajra-hospital-5-including-doctor-couple-died/">धनबाद:

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दोनों जांघ के बीच छिपाकर रखा था हथियार

बरामद हथियार के बारे में बताया जा रहा है कि अंशु हथियार को अपने दोनों जांघ के बीच में छिपाये हुये था. जैसे ही पुलिसकर्मियों ने गेट पर उसकी जांच करनी शुरू की थी, वह बाहर निकलकर भागने लगा था. इस बीच आशंका होने पर उसे खदेड़कर पकड़ा गया और फिर उसकी जांच की गयी. जांच में ही उसके पास से लोडेड हथियार बरामद किया गया.

लूट में कन्हैया सिंह की जमानत के लिये आया था अंशु

अंशु चौहान के बारे में बताया गया कि वह शनिवार को इस कारण से सिविल कोर्ट आया हुआ था क्योंकि कन्हैया सिंह की जमानत की सुनवायी कोर्ट में होने वाली थी. जमानत के लिये ही वह आया हुआ था. बागबेड़ा थाने में नये साल की रात लूट का एक मामला दर्ज कराया गया था. यह मामला एक चाय विक्रेता ने दर्ज करायी थी.

30 अप्रैल को हुई गैंगवार में शामिल था अंशु

सीतारामडेरा थाना क्षेत्र के भुइयांडीह नीतिबाग कॉलोनी में 30 अप्रैल को अखिलेश सिंह और सुधीर दुबे गिरोह के बीच गैंगवार हुई थी. गैंगवार में कन्हैया सिंह गैंग का अंशु चौहान भी घायल हुआ था और उसके खिलाफ सीतारामडेरा थाने में मामला दर्ज कराया गया था. गैंगवार की घटना खाने-पीने के दौरान घटी थी. घटना की रात 10 बजे कन्हैया सिंह ने राकेश दुबे को फोन कर कहा था कि वह अपने ऑफिस में ही रहे वह आ रहा है. इसके बाद ऑफिस के पास ही दोनों तरफ से अंधाधुंध फायरिंग हुई थी. इसमें दर्जन भर से ज्यादा लोग दोनों तरफ से घायल हुये थे.

सुरक्षा व्यवस्था की खोल दी पोल

कोर्ट परिसर में वैसे तो दोनों गेट पर सुरक्षा व्यवस्था कड़ी है और पुलिसवाले तैनात रहते हैं. बावजूद मेन गेट से अंशु चौहान भीतर चला गया. इसके बाद वह भीतर के गेट पर जांच के दौरान पकड़े जाने के डर से भागने लगा और पुलिस के हत्थे चढ़ गया. अब इस बात की चर्चा हो रही है कि आखिर मेन गेट पर उसकी जांच कैसे नहीं हुई.

कोर्ट गेट पर तैनात पुलिसकर्मियों पर हो सकती है कार्रवाई

कोर्ट के जिस मेन गेट से अंशु चौहान भीतर घुसा था उस गेट पर जिन पुलिसकर्मियों की भी ड्यूटी थी उनपर विभागीय कार्रवाई हो सकती है. इसके लिए जांच के आदेश भी दे दिये गये हैं. आखिर अंशु मेन गेट से कैसे भीतर घुस गया. गिरफ्तारी के समय पाया गया कि वह शराब के नशे में था. इसे भी पढ़ें : जमशेदपुर">https://lagatar.in/jamshedpur-ssp-will-distribute-mobiles-among-500-poor-students-of-the-city-on-january-30/">जमशेदपुर

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