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जमशेदपुर: नए स्टॉफ की बहाली व सर्विस एग्रीमेंट नहीं होने से सेना का पॉलीक्लिनिक लैब बंद

Jamshedpur: नए स्टाफ की बहाली नहीं हो पाने और सर्विस एग्रीमेंट समय पर पूरा नहीं होने की वजह से सोनारी स्थित सेना की ईसीएचएस पॉलीक्लिनिक में सेवाएं प्रभावित हो गई हैं. लैब टेक्नीशियन नहीं होने की वजह से लैब बंद हो गया है. इससे यहां आने वाले मरीजों की जांच नहीं हो पा रही है. लेडी अटेंडेंट नहीं होने की वजह से महिलाओं का इलाज प्रभावित हो गया है. एक ही डॉक्टर अभी सेवा दे रहे हैं. इससे काफी मरीजों को लौटना पड़ रहा है. इससे जवानों में नाराजगी है. नियम है कि अगर नई बहाली नहीं होती तो पॉलीक्लिनिक में पहले से काम कर रहे डॉक्टर, लेडी अटेंडेंट, लैब टेक्नीशियन आदि को 89 दिन का सेवा विस्तार दिया जा सकता है. लेकिन, सेवा विस्तार देने की जिम्मेदारी उठाने वाले रांची में बैठने वाले ब्रिगेडियर रैंक के अधिकारी के यहां मामला लंबित है. सेना के जवानों की मांग है कि पॉलीक्लिनिक में जल्द ही नई नियुक्तियां की जाएं और जब तक नई नियुक्तियां नहीं होतीं. यहां कार्यरत लोगों को अवधि विस्तार दे दिया जाए. इसे भी पढ़ें : जमशेदपुर:">https://lagatar.in/water-supply-stalled-in-6000-houses-due-to-failure-of-water-tower-valve-in-mango/">जमशेदपुर:

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रांची के एक अफसर के यहां लंबित है मामला

सेना के ईसीएचएस पॉलीक्लिनिक में पूरे कोल्हान से सेना के जवान रिटायर्ड सैनिक और उनके परिवार इलाज कराने आते हैं. सेना से जुड़े लगभग 10 हजार लोग इलाज के लिए पाली क्लीनिक पर निर्भर हैं. यहां तैनात डॉक्टर एवं सपोर्टिंग स्टाफ 2 साल के कांट्रेक्ट पर अपनी सेवा देते हैं. समय सीमा पूरी होने के बाद भर्ती के लिए विज्ञापन के बाद इंटरव्यू की प्रक्रिया चलती है. इसमें लंबा समय लगता है. इसी वजह से यह नियम रखा गया है कि जब तक भर्ती प्रक्रिया पूरी ना हो जाए तब तक पूर्व में तैनात लोगों को ही सेवा विस्तार दिया जाता है. लेकिन इस बार ऐसा नहीं हो पाने से सेवाएं बाधित हो गई हैं. सेवा विस्तार संबंधित फाइल उच्च स्तरीय अधिकारियों द्वारा पत्र ना आने की वजह से लंबित है. ‌ पॉलीक्लिनिक की जिम्मेदारी संभालने वाले स्टेशन कमांडर रांची में बैठते हैं. उन्हें सेवा विस्तार संबंधी मामले से अवगत कराया गया है. लेकिन वहां से कोई पत्र नहीं आने से मामला विचाराधीन है. इस वजह से पाली क्लीनिक के एक डॉक्टर और तीन पैरामेडिकल स्टाफ की सेवाएं 24 मई से खत्म हो गई हैं. लैब असिस्टेंट भी कोई नहीं है. इसके चलते लैब बंद हो गया है. डायबिटीज के मरीजों का यूरीन और ब्लड टेस्ट नहीं हो पा रहा है.

दवाओं की भी होगी किल्लत

क्लीनिक में दवाओं की भी किल्लत होने वाली है. पाली क्लिनिक से जुड़े लोगों का कहना है कि स्टेशन कमांडर ने पिछले 3 महीने से दवा के कोई भी बिल साइन नहीं किए हैं. उनका कहना है कि पाली क्लीनिक में एक दिन में जितनी भी मेडिसिन लगती है, उसे प्रतिदिन खरीदा जाए. लोगों का कहना है कि यह असंभव है. एक महीने की दवा लाई जानी चाहिए. प्रतिदिन दवा की खरीद-फरोख्त से मरीजों को काफी परेशानी होगी.

सेना के अधिकारियों ने ट्विटर पर उठाई बात

पॉलीक्लिनिक में सेवाएं बाधित होने से सीनियर ऑफिसर ब्रिगेडियर रणविजय सिंह चिंतित हैं. उन्होंने ट्विटर के जरिए से रक्षा मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारियों और एडीजीपीआई का ध्यान आकर्षित किया है. पूर्व ऑफिसर इंचार्ज रहे कर्नल चतुर्भुज नाथ और कर्नल वर्मा ने भी वर्तमान हालत पर चिंता जताई है. इसे भी पढ़ें : आदित्यपुर:">https://lagatar.in/adityapur-police-took-bjp-leader-anisha-sinha-into-custody-for-making-inflammatory-speeches-in-support-of-nupur-sharma/">आदित्यपुर:

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