Jamshedpur : टाटा स्टील एडवेंचर फाउंडेशन (टीएसएएफ) की वरिष्ठ प्रशिक्षक अस्मिता दोरजी बिना पूरक ऑक्सीजन के माउंट एवरेस्ट के दक्षिण शिखर से 8745 मीटर पर पहुंचने वाली पहली भारतीय महिला बन गई हैं. 13 मई 2022 को लगभग 6:00 बजे जब वह दक्षिण शिखर (8745 मीटर) पर पहुंची, तो अपने शरीर में ऑक्सीजन की कमी के कारण अस्वस्थ महूसस करने लगी. उनके साथी शेरपा ने वहां से लौटने का निर्णय लिया. [caption id="attachment_321785" align="aligncenter" width="360"]
https://lagatar.in/wp-content/uploads/2022/05/TSAF-ASMITA-DORJI-1-360x504.jpg"
alt="" width="360" height="504" /> माउंट एवरेस्ट की चोटी की ओर बढ़ती अस्मिता दोरजी.[/caption] इसे भी पढ़ें : BIG">https://lagatar.in/big-breaking-jpsc-released-the-final-result-of-civil-services-examination-from-7th-to-10th-process-completed-in-record-252-days/">BIG
BREAKING : जेपीएससी आज जारी करेगा 7वीं से 10वीं तक की सिविल सेवा परीक्षा का फाइनल रिजल्ट, रिकॉर्ड 252 दिन में प्रक्रिया पूरी
https://lagatar.in/wp-content/uploads/2022/05/TSAF-ASMITA-DORJI-2-360x504.jpg"
alt="" width="360" height="504" /> अपने साथियों के साथ अस्मिता दोरजी.[/caption] पत्रकारों से अपना अनुभव साझा करते हुए उत्साहित अस्मिता दोरजी ने कहा कि वह निराश हैं, लेकिन हताश नहीं. उन्होंने कहा कि वह अपने प्रयास से संतुष्ट हैं. वह पिछले तीन वर्षों से शिखर सम्मेलन के लिए प्रशिक्षण ले रही थीं, जिसमें उसकी ताकत और सहनशक्ति में सुधार पर ध्यान दिया गया था. इस मौके पर अस्मिता को उनकी उपलब्धि पर बधाई देते हुए टाटा स्टील एडवेंचर फाउंडेशन के अध्यक्ष और टाटा स्टील के उपाध्यक्ष (कॉरपोरेट सर्विसेज) चाणक्य चौधरी ने कहा कि पूरक ऑक्सीजन के बिना 8745 मीटर तक पहुंचने के बाद अस्मिता को अपने साथ वापस पाकर हमें खुशी हो रही है. हमें उसकी उपलब्धि पर गर्व है. इस अवसर पर हेमंत गुप्ता और फरजान हीरजी उपस्थित थे. [wpse_comments_template]
alt="" width="360" height="504" /> माउंट एवरेस्ट की चोटी की ओर बढ़ती अस्मिता दोरजी.[/caption] इसे भी पढ़ें : BIG">https://lagatar.in/big-breaking-jpsc-released-the-final-result-of-civil-services-examination-from-7th-to-10th-process-completed-in-record-252-days/">BIG
BREAKING : जेपीएससी आज जारी करेगा 7वीं से 10वीं तक की सिविल सेवा परीक्षा का फाइनल रिजल्ट, रिकॉर्ड 252 दिन में प्रक्रिया पूरी
पत्रकारों से अपना अनुभवन किया साझा
[caption id="attachment_321786" align="aligncenter" width="360"]alt="" width="360" height="504" /> अपने साथियों के साथ अस्मिता दोरजी.[/caption] पत्रकारों से अपना अनुभव साझा करते हुए उत्साहित अस्मिता दोरजी ने कहा कि वह निराश हैं, लेकिन हताश नहीं. उन्होंने कहा कि वह अपने प्रयास से संतुष्ट हैं. वह पिछले तीन वर्षों से शिखर सम्मेलन के लिए प्रशिक्षण ले रही थीं, जिसमें उसकी ताकत और सहनशक्ति में सुधार पर ध्यान दिया गया था. इस मौके पर अस्मिता को उनकी उपलब्धि पर बधाई देते हुए टाटा स्टील एडवेंचर फाउंडेशन के अध्यक्ष और टाटा स्टील के उपाध्यक्ष (कॉरपोरेट सर्विसेज) चाणक्य चौधरी ने कहा कि पूरक ऑक्सीजन के बिना 8745 मीटर तक पहुंचने के बाद अस्मिता को अपने साथ वापस पाकर हमें खुशी हो रही है. हमें उसकी उपलब्धि पर गर्व है. इस अवसर पर हेमंत गुप्ता और फरजान हीरजी उपस्थित थे. [wpse_comments_template]
Leave a Comment