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जमशेदपुर : ”महिला विश्वविद्यालय में ही महिला का हक मारने की कोशिश”

 
Jamshedpur (Anand Mishra) : जमशेदपुर महिला विश्वविद्यालय में ही महिला की आवाज दबाने और उसका हक मारने की कोशिश की जा रही है. मामला विश्वविद्यालय कैंपस में कैंटीन संचालन करने वाली अंजू पांडेय से जुड़ा है. बकाया बिल का भुगतान करने की मांग पर उन्हें कैंपस से कैंटीन का सारा सामान हटा कर जगह खाली करने का निर्देश दे दिया गया. अंजू पांडेय ने इसके बाद विश्वविद्यालय के तत्कालीन रजिस्ट्रार डॉ अविनाश कुमार सिंह को लीगल नोटिस भेजवाया. अंजू पांडेय का कहना था कि वह उस समय से यहां कैंटीन का संचालन कर रही हैं, जब यह कॉलेज था. कॉलेज प्रशासन से आदेश से उन्होंने यहां कैंटीन की शुरुआत की थी. लेकिन बिल का भुगतान करने की मांग पर विश्वविद्यालय के अधिकारियों के द्वारा उनके साथ दुर्व्यवहार किया गया. इसे भी पढ़ें : बड़ी">https://lagatar.in/big-news-the-clerk-of-the-regional-deputy-directors-office-turned-out-to-be-fake/">बड़ी

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जब उन्होंने न्यायालय की शरण लेने की कवायद शुरू की तो, विश्वविद्यालय की ओर से कर्मचारी को उनके घर भेज कर अपना बकाया ले लेने का संदेश दिया गया. अंजू पांडेय की मानें, तो कॉलेज के कर्मचारी विश्वंभर यादव ने उनके घर आकर यह संदेश दिया. उन्होंने उनके घर के सामने काफी चिल्ला-चिल्ला कर हंगामा भी किया था, जिससे उन्हें काफी शर्मिंदा होना पड़ा. बावजूद वह जब चेक लेने विश्वविद्यालय गयीं, तो उन्हें 50 हजार रुपये का ही चेक दिया जा रहा था, जबकि बकाया राशि 1 लाख 9 हजार 440 रुपये है. अंजू पांडेय ने कहा है कि महिला विश्वविद्यालय में ही एक महिला का हक मारने की कोशिश की जा रही है. अतः अब उन्होंने न्यायालय का दरवाजा खटखटाने की ठान ली है. [wpse_comments_template]
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