Jamshedpur (Dharmendra Kumar Mishra) : समाज में फैली डायन प्रथा जैसी कुरीति तथा नशा मुक्ति अभियान को लेकर सिदगोड़ा टाउन हॉल में रविवार को एकदिवसीय जिला स्तरीय कार्यशाला का आयोजन किया गया. कार्यशाला का शुभारंभ उपायुक्त मंजूनाथ भजन्त्री, पद्मश्री छुटनी महतो, जिला परिषद अध्यक्ष बारी मुर्मू, जिला परिषद उपाध्यक्ष पंकज सिन्हा ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्ज्वलित कर किया. इस अवसर पर उपायुक्त ने कहा कि कुप्रथाएं समाज में समस्या उत्पन्न करती हैं. नशापान से युवाओं का भविष्य अंधकारमय हो रहा है, युवा पिछड़ रहे हैं. इन सभी कुरीतियों के खिलाफ हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है कि एकजुट हों, जनजागरूकता लायें. गुणवत्तापूर्ण शिक्षा से ही समाज में बदलाव आएगा. इसे भी पढ़ें : आदित्यपुर">https://lagatar.in/adityapur-maidan-bachao-sangharsh-samiti-held-a-public-meeting-and-protested-against-the-wrong-mobilization/">आदित्यपुर
: मैदान बचाओ संघर्ष समिति ने आमसभा कर गलत जमाबंदी का किया विरोध
https://lagatar.in/wp-content/uploads/2023/08/JSR-DC-1-3.jpg"
alt="" width="600" height="400" /> कार्यशाला में उपस्थित लोग.[/caption] पद्मश्री छुटनी महतो ने डायन बताकर प्रताड़ित किए जाने से पद्मश्री से नवाजे जाने तक की अपनी जीवन यात्रा में डायन कुप्रथा के कारण व्यक्तिगत रूप से उन्हें किस तरह की मानसिक अवसाद से गुजरना पड़ा, समाज के रूप में इन कुरीतियों के खिलाफ हम कैसे विफल होते हैं, इसपर अपनी भावनाएं प्रकट कीं. उन्होंने अपने जीवन संघर्ष यात्रा को लेकर बताया कि कैसे भू-संपत्ति हड़पने के कारण उनके अपनों ने डायन कहकर प्रताड़ित करते हुए समाज से बहिष्कृत, मारपीट और कई वर्षों तक अपने गांव नहीं लौट पाने को मजबूर किया था. जिला परिषद अध्यक्ष बारी मुर्मू ने कहा कि हमें अपने आप को बदलना होगा, तभी समाज में बदलाव आएगा. इसे भी पढ़ें : जमशेदपुर">https://lagatar.in/jamshedpur-jharkhand-state-bar-council-vice-president-rajesh-shukla-wrote-a-letter-to-the-cm/">जमशेदपुर
: झारखंड स्टेट बार काउंसिल के उपाध्यक्ष राजेश शुक्ल ने सीएम को लिखा पत्र
: मैदान बचाओ संघर्ष समिति ने आमसभा कर गलत जमाबंदी का किया विरोध
अपने आप को बदलेंगे तभी समाज बदलेगा
[caption id="attachment_735708" align="aligncenter" width="600"]alt="" width="600" height="400" /> कार्यशाला में उपस्थित लोग.[/caption] पद्मश्री छुटनी महतो ने डायन बताकर प्रताड़ित किए जाने से पद्मश्री से नवाजे जाने तक की अपनी जीवन यात्रा में डायन कुप्रथा के कारण व्यक्तिगत रूप से उन्हें किस तरह की मानसिक अवसाद से गुजरना पड़ा, समाज के रूप में इन कुरीतियों के खिलाफ हम कैसे विफल होते हैं, इसपर अपनी भावनाएं प्रकट कीं. उन्होंने अपने जीवन संघर्ष यात्रा को लेकर बताया कि कैसे भू-संपत्ति हड़पने के कारण उनके अपनों ने डायन कहकर प्रताड़ित करते हुए समाज से बहिष्कृत, मारपीट और कई वर्षों तक अपने गांव नहीं लौट पाने को मजबूर किया था. जिला परिषद अध्यक्ष बारी मुर्मू ने कहा कि हमें अपने आप को बदलना होगा, तभी समाज में बदलाव आएगा. इसे भी पढ़ें : जमशेदपुर">https://lagatar.in/jamshedpur-jharkhand-state-bar-council-vice-president-rajesh-shukla-wrote-a-letter-to-the-cm/">जमशेदपुर
: झारखंड स्टेट बार काउंसिल के उपाध्यक्ष राजेश शुक्ल ने सीएम को लिखा पत्र
Leave a Comment