: भीषण गर्मी के कारण 14 जून तक बढ़ाई गई स्कूल की गर्मी छुट्टी
सरकारी स्कूलों में बंगला भाषा की नहीं होती पढ़ाई
साहित्यकार सुनील कुमार दे ने कहा कि झारखंड के बंगला भाषी बच्चे अपनी मातृभाषा बंगला को शिखना चाहते हैं. लेकिन सरकारी विद्यालय में कोई व्यवस्था नहीं है. इसलिए आज गांव गांव में सामाजिक संगठनों के द्वारा बंगला भाषा सिखाने की व्यवस्था करनी पड़ रही है. उन्होंने झारखंड के 42% बंगला भाषी लोगों की भावना को सम्मान करें सरकार और सभी सरकारी बंगला भाषी स्कूलों में अविलंब बंगला की पढ़ाई की व्यवस्था की मांग की. बंगला शिखने वाले छात्र छात्राओं को माताजी आश्रम हाता की ओर से बंगला पुस्तक, कॉपी तथा बंगला क्लब खैर पाल की ओर से कलम दी गई. 33 बच्चे ने नामांकन किया।बच्चे का पहला बंगला क्लास सुनील कुमार दे ने लिया. अंत में धन्यवाद ज्ञापन रीना मंडल ने किया. इससे पहले विमल मंडल ने अतिथियों और स्कूली बच्चे का स्वागत किया. रीना मंडल और रीता मंडल ने स्वागत गीत प्रस्तुत किया. जबकि ममता पति ने एक रवींद्र संगीत प्रस्तुत की. बच्चों की कक्षाएं ममतामयी मंडल, करुणामयी मंडल और रेखा रानी मंडल लेंगे. इसे भी पढ़ें : जमशेदपुर">https://lagatar.in/jamshedpur-mla-saryu-rai-wrote-a-letter-to-dc-demanding-to-provide-civic-amenities-in-babudih-lal-bhatta-area/">जमशेदपुर: विधायक सरयू राय ने डीसी को पत्र लिखकर बाबूडीह लाल भट्टा क्षेत्र में नागरिक सुविधाएं मुहैया कराने की मांग की [wpse_comments_template]
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