alt="" width="360" height="504" /> Jamshedpur : जमशेदपुर वीमेंस कॉलेज के योग विज्ञान विभाग की ओर से तीन दिवसीय राष्ट्रीय योग वेबिनार के दूसरे दिन 17 जून को योग चिकित्सा विषय पर वेबिनार को आयोजन किया गया. योग चिकित्सा विषय पर आयोजित वेबिनार में उत्तराखंड संस्कृत विश्वविद्यालय, हरिद्वार के एसोसिएट प्रोफेसर और योग विभाग प्रमुख डॉक्टर कामाख्या कुमार ने अपने विचार रखे. उन्होंने कहा कि आज योग चिकित्सा समय की आवश्यकता है. योग अनुभव की विद्या है. योग के माध्यम से शरीर और मन के बीच समन्वय स्थापित किया जा सकता है. भारतीय चिकित्सा पद्धति में योग चिकित्सा एक पूरक चिकित्सा के रूप में जानी जाती है. इसे भी पढ़ें : चक्रधरपुर">https://lagatar.in/chakradharpur-sukhram-will-donate-23-85-lakh-from-mla-fund-for-blood-bank/">चक्रधरपुर
: सुखराम देंगे ब्लड बैंक के लिए विधायक निधि से 23.85 लाख स्वास्थ्य को समझाते हुए उन्होंने योग चिकित्सा के महत्व को बताया. इसके अंतर्गत प्राण तत्व का सिद्धांत, पंचकोश का सिद्धांत, षटचक्रों के सिद्धांत के बारे में जानकारी दी. इससे पहले प्राचार्य डॉ. सुधीर कुमार साहू ने सभी वक्ताओं का स्वागत करते हुए बताया कि यह वेबिनार भौतिकता की आपाधापी के बीच सच्ची मानवता के उद्देश्य को लेकर आयोजित किया गया है. आध्यात्मिक, मानसिक और शारीरिक रूप से समर्थ मानव संपदा ही राष्ट्र और विश्व को उन्नति के मार्ग पर ले जा सकता है. परंपरागत योग क्रियाओं और चिकित्सा पद्धतियों की लोकप्रियता पश्चिमी देशों में भी खूब है. योग विभाग के समन्वयक डॉ. राजेंद्र कुमार जायसवाल ने कार्यक्रम का संचालन किया और योग विभाग के शिक्षक रवि शंकर नेवार ने धन्यवाद ज्ञापन किया. [wpse_comments_template]

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