Jamshedpur(Dharmendra Kumar) : बाल मजदूर मुक्ति सेवा संस्थान (बीएमएमएसएस) के संयोजक सदन ठाकुर ने डॉ. मृत्युंजय सिंह के एमबीबीएस डिग्री की जांच कराने की मांग की है. इसे लेकर सदन ठाकुर ने केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री एवं झारखंड के स्वास्थ्य मंत्री को एक पत्र लिखा है. बुधवार को पुराना कोर्ट में आयोजित एक प्रेस वार्ता में सदन ठाकुर ने बताया कि सूचना अधिकार अधिनियम के तहत एमजीएम मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य ने जो जानकारी उपलब्ध कराई है उसके अनुसार डॉ मृत्युंजय सिंह ने एमजीएम मेडिकल कॉलेज में 28 जनवरी 1987 को नामांकन कराया था. डॉ मृत्युंजय ने 1988 में प्रथम वर्ष की परीक्षा दी. ठाकुर ने कहा कि 1988 में एमबीबीएस की प्रथम वर्ष की आयोजित परीक्षा में केवल तीन छात्रों जिसमें डॉ मृत्युंजय सहित शशिधर कुमार और सुधीर रजक ने ही परीक्षा दी. यह कैसे संभव है कि तीन लोगों ने ही पूरक परीक्षा दी. सूचना के तहत उपलब्ध कराई गई जानकारी में इसका जिक्र नहीं है. इसे भी पढ़ें : घाटशिला">https://lagatar.in/ghatshila-one-day-workshop-on-prevention-of-gender-based-violence-organized/">घाटशिला
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इंटर्नशिप के लिए अस्थायी निबंधन जरूरी
वहीं, एमबीबीएस फाइनल परीक्षा का परिणाम 30 जुलाई 1991 को प्रकाशित हुआ था. जबकि डॉ मृत्युंजय सिंह ने इंटर्नशिप 1 अगस्त 1991 से 31 जुलाई 1992 तक की. ठाकुर ने सवाल उठाया कि इंटर्नशिप के लिए अस्थायी निबंधन कराना पड़ता है. डॉ मृत्युंजय ने इंटर्नशिप के लिए कब निबंधन कराया, इसकी जांच होनी चाहिए. ठाकुर ने कहा कि जांच के पश्चात डॉ मृत्युंजय सिंह की एमबीबीएस डिग्री की सत्यता का पता चल पाएगा. उन्होंने केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री से इसकी जांच कर कार्रवाई करने की मांग की है. इसे भी पढ़ें : चाईबासा">https://lagatar.in/chaibasa-drc-committee-constituted-in-bangla-department-of-kolhan-university-hod-becomes-chairman/">चाईबासा: कोल्हन विश्वविद्यालय के बंगला विभाग में डीआरसी कमेटी गठित, एचओडी बने अध्यक्ष