Jamshedpur(Dharmendra Kumar) : बिहार झारखंड सेल्स रिप्रजेंटेटिव यूनियन (बीएसएसआरयू) के सदस्यों द्वारा साकची गोलचक्कर पर दवा के दाम कम करने को लेकर हस्ताक्षर अभियान चलाया. इस अवसर पर सुब्रत विश्वास ने कहा कि पिछले कुछ वर्षों में आवश्यक दवाइयों के दाम मे लगातार वृद्धि हुई है. हम मांग करते आ रहे है की जीवन रक्षक दवा कर (टैक्स) मुक्त हो. वर्तमान में दवाओं में 3 स्लैब मे 5%, 12% और 18% GST लिया जाता है."दवाओं के मूल्य नियन्त्रण अधिनियम" और "आवश्यक दवाओं के राष्ट्रीय सूची" में लगातार परिवर्तन कर दवाई बनाने वाली निजी क्षेत्र के कंपनियो और कॉर्पोरेट को अधिक से अधिक मुनाफा कमाई का मौका दिया गया. दवा उद्योग में 100% विदेशी पूंजी (FDI) होने के चलते मुनाफाखोरी और बढ़ी है. इसे भी पढ़ें : रांची">https://lagatar.in/ranchi-paras-hec-hospital-on-world-breastfeeding-day/">रांची
: विश्व स्तन पान दिवस पर पारस एचईसी अस्पताल में महिलाओं को दी गई महत्वपूर्ण जानकारियां दवा और वैक्सीन बनाने वाली सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनी के बंद होने से देश की आत्मनिर्भरता को नुकसान हुआ है. सरकारी दवा कंपनी को खत्म कर देश की आम जनता को मंहगी दवा खरीदने पर मजबूर किया जा रहा हैं.उपरोक्त गलत नीति के परिणामस्वरूप आज स्वास्थ देखभाल में खर्च, आम जनता और गरीब के पहुँच के बाहर है. विश्व स्वास्थ संस्था WHO का कहना है की 65% भारत की जनता स्वास्थ पर खर्च वहन नही कर सकते है. उन्होंने कहा कि पूरे देश में एक अभियान के तहत हस्ताक्षर अभियान चलाकर आम जनता को दवा उद्योगों में हो रहे मुनाफाखोरी और केंद्र सरकार के जनविरोधी दवा नीति के संबंध में जागरुक किया जा रहा है. इस अवसर पर विश्वजीत देव,विनय कुमार सहित दर्जनों कार्यकर्ता उपस्थित थे. [wpse_comments_template]
जमशेदपुर : बीएसएसआरयू ने साकची में चलाया हस्ताक्षर अभियान

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