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जमशेदपुर : एकल प्लास्टिक के बाध्यकारी प्रतिबंधों पर कैट ने केंद्र सरकार से मांगा एक वर्ष की छूट

Jamshedpur (Sunil Pandey) : एकल उपयोग प्लास्टिक पर प्रतिबंध लगाने के मुद्दे पर कन्फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (कैट) ने आज केंद्रीय पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र यादव को एक पत्र भेज कर प्रतिबंधों पर पुनर्विचार करने का आग्रह किया. साथ ही इस मामले में बाध्यकारी तरीकों की बजाय सुलह के दृष्टिकोण के साथ एक साल की लीन अवधि की मांग की. कैट ने प्रतिबंधों को लेकर राष्ट्रव्यापी बृहद जागरूकता अभियान चलाने के लिए अधिकारियों और स्टेकहोल्डर्स की एक संयुक्त समिति गठित करने की मांग की. कैट के राष्ट्रीय महामंत्री प्रवीन खंडेलवाल और राष्ट्रीय सचिव सुरेश सोन्थालिया ने संयुक्त रुप से भेजे गए पत्र में कहा कि यह परिवर्तन की अवधि है. इसलिए सिंगल यूज़ प्लास्टिक का उपयोग कम से कम हो. इसके लिए चरणबध्द तरीके से गंभीर पहल की आवश्यकता है. इसे भी पढ़ें : जमशेदपुर">https://lagatar.in/jamshedpur-banna-gupta-to-hold-high-level-meeting-in-ranchi-regarding-railway-over-bridge/">जमशेदपुर

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प्रतिबंधों को लेकर राष्ट्रीय अभियान की जरूरत

उन्होंने कहा की सरकार का काम नीति बनाना और आदेशों को लागू करना है जिससे लक्ष्य को हासिल किया जा सके. लेकिन इसके लिए एक व्यापक, सहयोग और भागीदारी दृष्टिकोण को अपनाने की आवश्यकता है. जिसका जिक्र बार बार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने `सहभागी शासन` के अंतर्गत किया है. खंडेलवाल और सोन्थालिया ने केंद्रीय पर्यावरण मंत्री से आग्रह किया है कि वे संबंधित विभागों को निर्देश दें कि वे किसी भी व्यापारी या इकाई के खिलाफ कम से कम प्रथम वर्ष के लिए कोई कठोर कार्रवाई नहीं करें. स्टेकहोल्डर्स के सहयोग से एक प्रभावी राष्ट्रीय अभियान शुरू किया जाए जो जन धन योजना की तरह एक राष्ट्रीय आंदोलन बने. इसे भी पढ़ें : जमशेदपुर">https://lagatar.in/jamshedpur-poverty-and-illiteracy-are-the-main-reasons-for-intoxication-numan-khan/">जमशेदपुर

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प्रदूषण से मुक्ति के लिए चरणबद्ध तरीका जरूरी

कैट ने कहा कि दुनिया भर में देशों ने देश को प्लास्टिक प्रदूषण से मुक्त करने के लिए चरणबद्ध तरीका ही अपनाया है.दोनों व्यापारी नेताओं ने कहा कि पिछले चार दशकों से अधिक की अवधि में एकल-उपयोग प्लास्टिक का उपयोग आज लोगों के जीवन का अभिन्न अंग बन गया है. बड़े पैमाने पर इसका उपयोग या तो सामानों की पैकेजिंग में होता है. क्योंकि इसकी कीमत मामूली और आसानी से उपलब्ध है. जबकि अभी तक समान की पैकेजिंग का विकल्प उपलब्ध नहीं हैं या फिर सिंगल यूज प्लास्टिक की कीमत की तुलना में काफी महंगे हैं. वर्तमान में सिंगल यूज़ प्लास्टिक का उपयोग व्यापक है. जिसमें खाद्य प्रबंधन, भंडारण, सूचना प्रौद्योगिकी, स्वास्थ्य देखभाल, परिवहन, ऊर्जा प्रबंधन, भवन निर्माण और पैकेजिंग आदि जैसे उद्योग शामिल हैं. एकल उपयोग प्लास्टिक के उपयोग पर तत्काल प्रतिबंध विभिन्न क्षेत्रों से संबंधित कई आर्थिक गतिविधियों पर विपरीत प्रभाव डालेगा, इस वजह से इसका चरणबद्ध कार्यान्वयन जरूरी है. इसे भी पढ़ें : जमशेदपुर">https://lagatar.in/jamshedpur-jharkhand-diploma-level-combined-examination-2021-held-2152-candidates-absent/">जमशेदपुर

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सिंगल यूज प्लासिट्क का 60 हजार करोड़ का है कारोबार

कैट  ने कहा कि सिंगल यूज प्लास्टिक देश में लाखों लोगों को रोजगार देने वाला और 60 हजार करोड़ रुपये से अधिक का वार्षिक कारोबार करने वाला उद्योग बन गया है. सिंगल यूज प्लास्टिक उद्योग को बैंकों और वित्तीय संस्थानों ने बड़े पैमाने पर कर्ज दिया है. ऐसे में वगैर समुचित एवं समान विकल्प के पूर्ण प्रतिबंध से आर्थिक एवं कारोबारी गतिविधियों पर भी विपरीत प्रभाव पड़ेगा. दोनों व्यापारी नेताओं ने इन इकाइयों को वैकल्पिक उत्पादों में बदलने या अर्थव्यवस्था से संबंधित किसी अन्य गतिविधि के लिए सरकार द्वारा एक समर्थन नीति बनाने का आग्रह किया. इसे भी पढ़ें : जमशेदपुर">https://lagatar.in/jamshedpur-marwari-sammelan-sakchi-branch-completed-one-year-of-feeding-200-roti-daily-to-gau-mata/">जमशेदपुर

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