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Jamshedpur : बुजुर्गों का मान-सम्मान नहीं करने वालों का सीजीपीसी करेगी सामाजिक बहिष्कार

 
  • वृद्ध सिख महिला को साथ रखने से पुत्रों के इंकार के बाद लिया निर्णय
  • असहाय महिला को सीजीपीसी ने दिया अस्थायी आश्रय
  • ऐसे मामलों की देखरेख के लिए जल्द गठित होगी उप समिति
Jamshedpur (Sunil Pandey) : मानवता को शर्मसार करने वाले एक मामले में सेंट्रल गुरुद्वारा प्रबंधक कमिटी ने गुरुवार को कड़ा निर्णय लिया. वृद्ध सिख महिला को साथ रखने से इंकार करने पर कमिटी ने महिला के तीनों बेटों का सामाजिक बहिष्कार करने का निर्णय लिया है. साथ ही निकट भविष्य में इस तरह के मामलों की देखरेख के लिए एक उप समिति गठित करने का निर्णय लिया है. शहर की रहने वाली कमलजीत कौर नामक बुजुर्ग सिख महिला को उसके तीनों बेटों ने अपने साथ रखने से इंकार कर दिया. वहीं एक बेटे ने जहां उसे असहाय अवस्था में छतीसगढ़ के बिलासपुर से टाटानगर आने वाली ट्रेन में बैठाकर छोड़ दिया, वहीं दूसरे बेटे ने उसे स्टेशन से साकची स्थित लक्ष्मी माता मंदिर में छोड़कर चला गया. तीन दिनों तक मंदिर में रहने के बाद मंदिर कमिटी ने इसकी जानकारी साकची पुलिस को दी. साकची थाना प्रभारी संजय कुमार मौके पर पहुंचे तथा महिला से पूछताछ की. सिख महिला होने के नाते उन्होंने इसकी जानकारी सीजीपीसी को दी. सूचना के बाद सीजीपीसी प्रधान भगवान सिंह, चेयरमैन सरदार शैलेंद्र सिंह व अन्य लक्ष्मी मंदिर पहुंचे तथा बुजुर्ग महिला से उसकी ऐसी दशा के संबंध में पूछताछ की. महिला ने बताया कि उसके तीन पुत्र हैं. बड़ा पुत्र बिट्टू सिंह बिलासपुर में रहता है. दूसरा पुत्र टीटू सिंह मुंबई और तीसरा बेटा विवेक सिंह उर्फ मिंटे जमशेदपुर में रहता है. कुछ दिन पहले बिलासपुर में रहने वाले बेटे ने बुजुर्ग महिला को ट्रेन में बैठाकर टाटानगर भेज दिया. यहां पहुंचने के बाद विवेक सिंह उर्फ मिंटे अपने घर नहीं ले जाकर महिला को साकची ठाकुरबाड़ी रोड स्थित लक्ष्मी मंदिर में छोड़कर चला गया. इसे भी पढ़ें : Adityapur">https://lagatar.in/adityapur-government-and-administration-are-busy-preparing-for-your-doorstep/">Adityapur

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तीनों बेटों ने रखने से किया इंकार

सीजीपीसी के पास महिला का मामला आने के बाद प्रधान एवं चेयरमैन ने महिला के तीनों बेटों से बारी-बारी से बात की. तीनों ने अपनी मां को साथ में रखने से इंकार कर दिया. तीनों बेटों के रिश्तेदारों से भी संपर्क किया गया. लेकिन उन्होंने ने भी कोई सकारात्मक जवाब नहीं दिया. महिला के पुत्रों के इस असंवेदनशील रवैये से मजबूर होकर सेंट्रल गुरुद्वारा कमेटी ने बैठक बुलाकर तीनों पुत्रों का सामाजिक बहिष्कार करने का निर्णय लिया. कहा गया है कि तीनों के साथ समाज के लोग किसी प्रकार का कोई सरोकार नहीं रखेंगे. वहीं उनके रिश्तेदारों से अनुरोध किया गया कि तीनों के किसी भी कार्यक्रमों में शामिल न हों और उन्हें अपने पारिवारिक कार्यक्रमों में आमंत्रण भी नहीं दें. बैठक में विशेष रूप से यह भी तय हुआ कि यदि इस तरह के मामले की शिकायत भविष्य में सीजीपीसी को मिलती है तो भी इसी नियम के तहत दोषी का सामाजिक बहिष्कार किया जायेगा. इसे भी पढ़ें : Chaibasa">https://lagatar.in/chaibasa-chief-minister-maiyan-samman-yojana-awareness-vehicle-leaves/">Chaibasa

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प्रशासन की मदद से बेटों पर होगी कार्रवाई

सेंट्रल गुरुद्वारा प्रबंधक कमिटी ने बुजुर्ग महिला को तत्काल सहायता के तौर पर उसे महिला छात्रावास में रहने का इंतजाम किया. साथ ही उसके हर सुख-दुख का ख्याल रखने के लिए जिम्मेदारियां बांटी. सीजीपीसी के प्रधान सरदार भगवान सिंह और चेयरपर्सन सरदार शैलेंदर सिंह ने मामले की गंभीरता को देखते हुए दोषी पुत्रों पर जिला प्रशासन की मदद से उन पर कार्यवाई करने ने बात कही है. दोनों ही सिख प्रतिनिधियों का कहना है कि सीजीपीसी जल्द ही इस तरह के मामले देखने के लिए एक उप-कमिटी का गठन भी करेगी. [wpse_comments_template]
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