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पहली बार किसी सरकारी स्कूल के विद्यार्थी कर रहे रिसर्च
टाटा वर्कर्स यूनियन उच्च विद्यालय नौवीं और दसवीं कक्षा के विद्यार्थी तितलियों पर रिसर्च कर रहे हैं. वनस्पतियों की पहचान और उससे जुड़ी जानकारी प्राप्त करने के लिए इस स्कूल में बारकोड भी तैयार किया गया है. शिप्रा मिश्रा बच्चों को सरल भाषा में विज्ञान को समझाने के लिए नित नए प्रयोग करती रहती है. जिसके परिणाम स्वरुप कदमा टाटा वर्कर्स यूनियन उच्च विद्यालय के छात्रों में विज्ञान के प्रति रुचि बढ़ी है और वे इस क्षेत्र में शिक्षका शिप्रा मिश्रा के सहयोग से बेहतर कर रहे है. इसे भी पढ़ें : बंदगांव">https://lagatar.in/bandgaon-union-minister-reached-the-residence-of-former-bjp-state-president-paid-tribute/">बंदगांव: भाजपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष के आवास पहुंची केंद्रीय मंत्री, दिया श्रद्धांजलि [caption id="attachment_410102" align="aligncenter" width="540"]
alt="" width="540" height="360" /> बच्चों को पढ़ाती शिक्षिका शिप्रा मिश्रा[/caption]
मेरा नहीं शिक्षा जगत का सम्मान है – शिप्रा
कदमा टाटा वर्कर्स यूनियन उच्च विद्यालय की शिक्षिका शिप्रा मिश्रा ने लगातार न्यूज से बात करते हुए कहा कि राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार के लिए चयनित होने पर अपने शिक्षण कार्य पर बहुत गर्व का अनुभव हो रहा है. उन्होंने कहा कि दरअसल यह मेरा नहीं बल्कि शिक्षा जगत का सम्मान है. इससे और बेहतर करने के लिए ऊर्जा मिलती है. उन्होंने कहा कि मैंने ईमानदारी के अपने कर्तव्यों के निर्वहन किया. सभी शिक्षकों को अपनी कर्तव्यों का निर्वहन करना चाहिए. इसे भी पढ़ें : आदित्यपुर">https://lagatar.in/adityapur-maha-blood-donation-camp-of-narendra-modi-fans-club-on-16/">आदित्यपुर: नरेंद्र मोदी फैंस क्लब का महारक्तदान शिविर 16 को
बेल्डीह चर्च स्कूल से शैक्षणिक करियर की शुरुआत
बेल्डीह चर्च स्कूल से अपना शैक्षणिक करियर करने वाली शिप्रा मिश्रा वर्तमान में टाटा वर्कर्स यूनियन उच्च विद्यालय कदमा में पदस्थापित है. जेपीएससी की परीक्षा में सफल होने का बाद शिक्षा विभाग ने पहली पदस्थापना जमशेदपुर हाईस्कूल बिष्टुपुर में विज्ञान शिक्षिका के रूप में वर्ष 2010 में की. वर्ष 2016 में उनका स्थानांतरण टाटा वर्कर्स यूनियन उच्च विद्यालय कदमा में किया गया. उन्होंने इस स्कूल की तरक्की के लिए दिन रात एक कर दिया. पहले स्कूल में बच्चों की संख्या को बढ़ाने का लक्ष्य निर्धारित किया. हर साल मैट्रिक का परिणाम बेहतर होने लगा. इसके बाद बच्चों की संख्य में भी बढ़ोतरी हुई. इसे भी पढ़ें : जमशेदपुर">https://lagatar.in/jamshedpur-firing-in-mukhiadanga-accused-arrested/">जमशेदपुर: मुखियाडांगा में फायरिंग, आरोपी गिरफ्तार

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