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जमशेदपुर : को-ऑपरेटिव कॉलेज के प्राचार्य के खिलाफ कोल्हान विश्वविद्यालय के कुलपति से शिकायत

Jamshedpur (Rohit Kumar) : कोल्हान विश्वविद्यालय छात्र संघ के उप सचिव विरेंद्र कुमार के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल सोमवार को कोल्हान विश्वविद्यालय के कुलपति गंगाधर पांडा से मिला. इस दौरान प्रतिनिधिमंडल ने कुलपति के समक्ष जमशेदपुर को-ऑपरेटिव कॉलेज के प्राचार्य द्वारा किये जा रहे अनियमितता के मामले को रखा और उचित कार्रवाई करने की मांग की. प्रतिनिधियों का कहना है की जमशेदपुर को-ऑपरेटिव कॉलेज परिसर में विद्यार्थियों के लिए क्रिकेट ग्राउंड है पर कॉलेज के विद्यार्थियों को ही वहां खेलने नहीं दिया जा रहा है. दूसरी तरफ जेएससीए द्वारा नियमित खेल होता रहता है. इसके अलावा कई अन्य बाहरी संस्था को कॉलेज ग्राउंड में खेल प्रतियोगिता आयोजित करने की अनुमति दी जाती है. इसे भी पढ़ें : चाकुलिया">https://lagatar.in/chakulia-elephant-reached-baredih-tola-of-dighi-village-panic/">चाकुलिया

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बिना टेंडर के ही बेंच व डेस्क को बेचा

कॉलेज ग्राउंड में पहला हक यहां के विद्यार्थियों का ही हो ना की किसी दूसरे संस्थान का. कोल्हान विश्वविद्यालय द्वारा नए विषयों जैसे योग को संचालित करवाने का निर्णय बेहद सराहनीय है पर इसका व्यापक प्रचार प्रसार नहीं होने से बहुत सारे विद्यार्थियों तक यह जानकारी नहीं पहुंच पा रही है. प्रतिनिधिमंडल ने कुलपति को बताया कि कॉलेज के परीक्षा हॉल में करीब 600 से अधिक की संख्या में बेंच डेस्क थे. प्राचार्य द्वारा परीक्षा हॉल की मरम्मत एवं सौंदर्यीकरण के नाम पर सारे बेंच डेस्क को बाहर खुले में रखवा कर उसे सड़ा दिया गया और उसके पश्चात बिना टेंडर के ही बेंच डेस्क को बेच दिया गया जो की एक गंभीर विषय है. इसे भी पढ़ें : कोडरमा">https://lagatar.in/koderma-cleanliness-drive-in-the-adopted-village-indarwatand/">कोडरमा

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कैंटिन का टेंडर निकाले बिना करीबी को दिया

प्रतिनिधिमंडल ने कुलपति को बताया कि कॉलेज में कुछ ही दिनों पहले कैंटीन का पुनरुद्धार हुआ और इस कार्य के लिए भी बिना कोई टेंडर निकाले प्राचार्य द्वारा किसी करीबी को दे दिया गया जो की नियम के अनुरूप नहीं है. वहीं दूसरी तरफ जब विभिन्न छात्र प्रतिनिधियों ने कॉलेज कैंटीन पर हुए खर्च के बारे में पूछा तो उनके द्वारा 4 लाख 56 हजार बताया गया. प्रतिनिधिमंडल ने सभी मामलों की जांच करने हेतु उच्च स्तरीय कमिटी का गठन करने और जांच चलने तक प्राचार्य को पद मुक्त करने की मांग की है. छात्र प्रतिनिधियों में उप सचिव विरेंद्र कुमार, सूरज ओझा, सुबोध महाकुद, पप्पू बारीक, अभय सिंह, मनीष कुमार रंजन, पीपुण बारीक, कार्तिक, राज, सतीश प्रसाद और अन्य छात्र शामिल थे. [wpse_comments_template]

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