: एक प्रभारी चिकित्सक के भरोसे चल रहा जगन्नाथपुर का सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र
मंदी से उभरने में लगेगा समय : मूर्तिकार
वहीं, काशीडीह के मूर्तिकार वासुदेव कहते हैं कि मैं पिछले 50 सालों से मूर्ति बना रहा हूं. लेकिन पिछले दो सालों जैसी खराब स्थिति कभी नहीं हुई थी. अब हमारे लिए बाजार तो जरूर खुला है, लकिन हम समय से पीछे हो गए हैं. कोरोना काल के कारण आई आर्थिक मंदी ने ग्राहकों का बजट बिगाड़ दिया है. हम अपना नुकसान करवा कर भी मूर्ति बेचने को तैयार हो जा रहें हैं. बड़ी मूर्तियों का ऑडर तो आ रहा है, लेकिन ग्राहक उस हिसाब से कीमत देने को तैयार नहीं हैं. हम भी मंदी से उभरने के लिए कम कीमत में भी तैयार हो जा रहें हैं. उम्मीद है कि आने वाले कुछ दिनों में हमारी जिदंगी फिर से पटरी पर लौट आएगी. इसे भी पढ़े : जमशेदपुर">https://lagatar.in/jamshedpur-deal-of-anothers-land-done-for-39-lakhs-belching-1-51-lakhs-in-advance-was-costly/">जमशेदपुर: दूसरे की जमीन का कर दिया 39 लाख में सौदा, एडवांस का 1.51 लाख डकारना महंगा पड़ा [wpse_comments_template]

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